
केंदुआ। जिले के केंदुआडीह थाना अंतर्गत गनसाडीह एवं कुसुंडा स्टेशन के समीप कोयला माफियाओं द्वारा प्रत्येक दिन हजारों टन अवैध कोयला की तस्करी धड़ल्ले से की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि अवैध कोयले की तस्करी को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा काफी लिखतम आंदोलन के बाद कोयले पर निगरानी के लिए सीआईएसफ द्वारा धनबाद में पहली बार हवाई मार्ग से निगरानी करने वाले ड्रोन कैमरा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उसके बावजूद भी बीसीसीएल मुख्यालय से महज 5/6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुसुंडा स्टेशन रेल यार्ड एवं गनसाडीह 3 नंबर में कोयले की तस्करी बेखौफ हो रही है। प्रत्येक दिन इन स्थानों पर हजारों टन तस्करी के अवैध कोयले हाईवा ट्रकों से उतारकर एवं अलकुसा आउटसोर्सिंग से क्षेत्रीय सीआईएसएफ एवं बीसीसीएल प्रबंधन की साठगांठ से चोरी की गई अवैध कोयला संग्रह कर रखी रहती है। जिसे दिन के उजाले में आसानी से देखा जा सकता है। और चोरी का कोयला रात्रि के समय ट्रकों में लोड कर जिले के बरवा अड्डा, राजगंज, कतरास इत्यादि के भट्ठा में खपाया जाता है। इसके अलावा डिस्को पेपर के जरिए बिहार के गया जहानाबाद जैसे शहरों में भी अवैध कोयला तस्करों द्वारा भेजे जाते हैं। जबकि सीआईएसएफ के एडी जी झारखंड जोन द्वारा कोयला की अवैध तस्करी पर सख्त निगरानी रखने की क्षेत्रीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए जाते हैं और सुबह शाम सीआईएसएफ एवं पुलिस की गश्ती वाहन भी गुजरती है परंतु सीआईएसएफ के क्षेत्रीय अधिकारी आपने ए डीजी का निर्देश को तस्करों के समक्ष नजरअंदाज कर अपनी आंखें बंद कर लेती है एवं किसी प्रकार की कोई कार्यवाई नहीं करती है। सूत्र बताते हैं कि कोयला माफियाओं द्वारा थाना क्षेत्र से अवैध कोयला टपाने के एवज में प्रती ट्रक₹10000 की दर से पुलिस और सीआईएसएफ को चढ़ावा चढ़ाया जाता है। जिस बाबत यहां कोयले की तस्करी लगातार जारी है। जिससे सरकार के कई प्रकार के राजस्व का भारी क्षति हो रही है।

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