
बेरमो/ कथारा –
80वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल कथारा के सैकड़ों विद्यार्थियों ने गुरुवार को भव्य हर घर तिरंगा यात्रा निकाली। हाथों में तिरंगा और दिल में देशभक्ति का जज्बा लिए विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ यात्रा में हिस्सा लिया।

विद्यालय परिसर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा कथारा के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कथारा ओपी पहुंची। इस दौरान विद्यार्थियों ने “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और देशभक्ति से जुड़े अन्य नारों का जयघोष किया, जिससे पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंग गया। विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए “घर-घर तिरंगा लहराएगा, हर दिल देश प्रेम से भर जाएगा” जैसे नारों ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया।

ओपी प्रभारी ने किया विद्यार्थियों का स्वागत
यात्रा के कथारा ओपी पहुंचने पर ओपी प्रभारी राजेश प्रजापति ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल नारों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदार नागरिक बनने के रूप में अपने जीवन में उतारना चाहिए।
ओपी प्रभारी ने विद्यार्थियों को भारतीय न्याय संहिता, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्यों तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए पॉक्सो एक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
तिरंगा राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक : डॉ. जी.एन. खान
विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन-1 के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी.एन. खान ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि तिरंगा देश के गौरव, सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। बच्चों में छोटी उम्र से ही राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि “हर घर तिरंगा यात्रा राष्ट्र के प्रति सम्मान और देशभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को देश की एकता, अखंडता और गौरव से जोड़ने का कार्य करते हैं।”
तिरंगा यात्रा का नेतृत्व विद्यालय के शारीरिक शिक्षक शिव प्रकाश सिंह एवं ओंकार मिश्रा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ. आर.एस. मिश्रा, जितेंद्र दुबे, असित गोस्वामी, तेजो मित्र पाठक सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
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