
*झारखण्ड भाजपा प्रभारी हेमंत विस्व सरमा ने कहा कि 12000 लोगों का नाम बतायें*
झारखण्ड सरकार ने आक्रोश रैली में तोड़फोड़ और विधि व्यवस्था को डिस्टर्ब करने के लिए भाजपा के 12000 अज्ञात कार्यकर्त्ताओं पर केस दर्ज़ किया है.

वहीं असम के सीएम एवं झारखंड में भाजपा प्रभारी हेमंत विस्व सरमा ने रांची में हाल ही में भाजयुमो की रैली के दौरान भाजपा नेताओं सहित लगभग 12000 अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज करने के लिए झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन सरकार की आलोचना की।

कहा कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें कीं और रबर की गोलियां चलाईं।
सरमा ने दावा किया कि स्वतंत्र भारत में यह अत्याचार अनसुना है। मैंने उल्फा से निपटा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं देखा। मैं डीजीपी को पद से हटाने के लिए चुनाव आयोग को लिखूंगा, क्योंकि ऐसे अधिकारी के रहते राज्य में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते। कहा कि युवाओं को ब्लैकमेल करने के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं डीजीपी को चुनौती देता हूं कि वे हमें 12000 लोगों के नाम बताएं, अन्यथा हम अदालत जाएंगे… यह लोकतंत्र है और हमें विरोध करने का अधिकार है।” बता दें कि झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
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