
झारखंड के वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में मुसलमान क्या करें ? विषय पर परिचर्चा का निष्कर्ष

स्टेंडिंग कमिटी बनाई गई जो एक सप्ताह में रिपोर्ट पेश करेगी

रांची: शिक्षा, राजनीति, रोजगार और आर्थिक क्षेत्र में विशेषकर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को हाशिए पर धकेल दिया गया है।
पिछड़े दबे समाज को एकजुट और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है। इन्हीं समस्याओं को लेकर आज कौमी इत्तेहाद मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद मौलाना गुलाम रसुल बलयावी ने देश के विभिन्न भागों में समाज के बुद्धी जीवी, उलेमा, समाजसेवी, समाज के बारे में सोचने वाले से विचार विमर्श करने के लिए दिनांक 11 अगस्त 2024 दिन रविवार को रांची प्रेस क्लब, मोरहाबादी रांची में एक विशेष प्रांतीय प्रतिनिधि बैठक का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने की और संचालन आमया संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष एस अली ने किया। इस बैठक का आयोजन हाजी अफसर कुरैशी के द्वारा किया गया। बैठक में विभिन्न राजनीतिक पार्टीयो से जुड़े लोग शामिल हुए। आए हुए लोगों ने अपनी अपनी बात रखी। अपने अध्यक्षीय भाषण में मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि मुसलमानो को मायूस होने की जरूरत नहीं है। मज़हब की बुनियाद पर यह देश न चला है न चलेगा। खुद बनने के चक्कर में हम किसी को बनने नहीं देते। हम मुसलमानो के अंदर से यह सोच निकालने की जरूरत है। कौमी इत्तेहाद मोर्चा मजलूमों के साथ कल भी खड़ी थी आज भी है। इस परिचर्चा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया की कौमी इत्तेहाद मोर्चा पूरे झारखंड में हिस्सेदारी यात्रा शुरू करेगी। मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि मुसलमानो में कोई मस्लक का झगड़ा नहीं है। झगड़ा लगाने वाले एजंसियो को समझने की जरूरत है। कुछ कमी हम में भी हैं। हम अपने नौजवानों को राजनीतिक नही बताया। इसकी अहमियत को नहीं समझाया, राजनीतिक से दूर रखा। हमने सिर्फ फजीलत ही बताई है, यह हमारी कमी है। हम सबको इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पांच कमिश्नरी में जल्द ही झारखंड में वर्तमान राजनीतिक स्थिति में मुसलमानों को क्या करना चाहिए i इसको लेकर एक स्टेंडिंग कमिटी बनाई गई। यह कमिटी एक हफ्ता के अंदर रूट मैप तैयार करने का कार्य करेगी। इस कमिटी में हाजी अफसर कुरैशी, जियाउल हक टार्जन, मुमताज अहमद खान, अब्दुस सुभान, आदि का नाम शामिल हैं।
इस परिचर्चा में मौलाना गुलाम रसूल बलियावी,एस अली, हाजी अफसर कुरैशी, मौलाना अब्दुल मोबीन रिजवी गिरिडीह, मुमताज अहमद खान,नाजिर अनसारी मांडू,एखलाक अनसारी, इरफान अहमद काजु, मौलाना अब्दुल्लाह रिजवी बिहार, मो सऊद रांची, डॉक्टर शमशेर राही, मो दानिश, मोहिबुल्लाह, मुमताज आलम, मनीर आलम, मो मुशाहिद, मो एहतेशामुद्दीन, परवाज खान, मौलाना सैयद रजी अहमद डालटेनगंज, नैय्यर अंसारी, अब्दुल कलाम, मो जुबैर अंसारी, हैदर अली, सरफराज आलम, परवेज अहमद, कमाल हसन, महताब आलम, शमशेर कुरैशी, अजमत अंसारी, डॉक्टर हैदर अली, सुभान, जियाउल हक, एस अली, सैयद खुर्शीद अख्तर, वसीम, शाहबाज, हाजी बेलाल कुरैशी, खालिद रजा, नेहाल अंसारी, मो इब्राहिम समेत सैंकड़ों लोगों थे।
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