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झरिया की मीथेन से सीएनजी बनाने के आइडिया ने देशभर में बजाया डंका, डीनोबिली डिगवाडीह की ‘नवऊर्जा’ टीम को एक लाख का राष्ट्रीय पुरस्कार

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Oct 30, 2026
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अंतर्कथा संवाददाता धनबाद: झरिया की भूमिगत आग और वहां से रिसने वाली खतरनाक मीथेन गैस, जो दशकों से इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है, अब ऊर्जा के एक नए स्रोत में बदल सकती है। इस ज्वलंत समस्या का शानदार वैज्ञानिक समाधान निकालकर धनबाद के होनहार युवाओं ने राष्ट्रीय पटल पर पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित देश की सबसे प्रतिष्ठित नवाचार प्रतियोगिता “विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025” के ग्रैंड फिनाले में डी नोबिली स्कूल, डिगवाडीह की टीम “डी.एन.एस. नवऊर्जा” ने अपना परचम लहराया है। देश भर की शीर्ष 10 टीमों में अपनी जगह पक्की करते हुए इस टीम ने न सिर्फ राष्ट्रीय पुरस्कार जीता, बल्कि 1,00,000 (एक लाख रुपये) की विजेता राशि भी अपने नाम कर ली है।

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समापन समारोह में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने इन प्रतिभाशाली छात्रों को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान और चेक सौंपकर सम्मानित किया। यह सफलता इसलिए भी बेहद खास और ऐतिहासिक है क्योंकि इस प्रतियोगिता ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। देश भर के विभिन्न संस्थानों से आए 2.87 लाख से अधिक इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स की रिकॉर्ड भागीदारी के कारण “विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025” को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दुनिया की सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता (Largest Innovation Solution Competition) के रूप में दर्ज किया गया है।

इस विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले ऐतिहासिक मंच पर झारखंड का मजबूत प्रतिनिधित्व करते हुए डी नोबिली की टीम ने अपना जो मॉडल पेश किया, उसने जजों और वैज्ञानिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीम ने दिखाया कि कैसे झरिया कोयला क्षेत्र से निकलने वाली प्राणघातक मीथेन गैस को अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित रूप से एकत्र कर, उसे सीएनजी (CNG) और विद्युत ऊर्जा में बदला जा सकता है। यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा संकट, दोनों मोर्चों पर एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हुआ। जिला, राज्य और अंततः राष्ट्रीय स्तर के तीन बेहद कड़े चरणों में हजारों प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों को पछाड़ते हुए इस टीम ने यह मुकाम हासिल किया है।

इस ‘सुपर विनिंग टीम’ में उत्कृष्ट पॉल (टीम लीडर), लकी कुमार, आर्यन राज सिंह, गौरव कुमार रवानी और छात्रा जागृति शामिल हैं। राष्ट्रीय सम्मान और एक लाख रुपये का चेक हाथ में थामे इन छात्रों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। अपनी इस शानदार जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के हाथों यह सम्मान पाना उनके जीवन का सबसे अविस्मरणीय और पूरे झारखंड के लिए गौरव का क्षण है। उनका यह नवाचार भविष्य में झरिया को प्रदूषण मुक्त बनाने और नई ऊर्जा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

अपनी इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफलता का पूरा श्रेय छात्रों ने विद्यालय की अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका अनुराधा यादव और शिक्षक एमडी मुज़म्मिल आलम अंसारी को दिया। छात्रों ने बताया कि इन्हीं शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में टीम ने अपने प्रोजेक्ट की खामियों को दूर किया और दिल्ली के इस राष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया। इसके साथ ही, टीम ने डी नोबिली स्कूल के प्राचार्य फादर सुशील सुमन करकट्टा एस.जे. और उप-प्राचार्य सुरेश चक्रवर्ती के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया, जिनके निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग ने इस उपलब्धि की मजबूत नींव रखी। छात्रों की इस शानदार राष्ट्रीय जीत से पूरे कोयलांचल और झारखंड के शिक्षा जगत में जश्न व हर्ष का माहौल है।


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