
संवाददाता अंतर्कथा केरेडारी बालमुकुंद दास
केरेडारी प्रखंड क्षेत्र के ओमे और खपिया गांव के ग्रामीणों ने अपनी जमीन को लेकर जिला प्रशासन के सामने जोरदार तरीके से अपनी आवाज बुलंद की है। ग्रामीणों ने हजारीबाग उपायुक्त (डीसी) से अपील करते हुए साफ शब्दों में कहा कि “जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि जमीन केवल उनकी संपत्ति नहीं, बल्कि उनके परिवार की आजीविका, पहचान और आने वाली पीढ़ियों का आधार है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी सहमति और समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए तथा किसी भी प्रकार की जमीन संबंधी कार्रवाई से पहले ग्रामीणों के हितों और अधिकारों का ध्यान रखा जाए। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी जमीन बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

इस दौरान मिस्टर आजाद, कमाल अमरोही के अलावा रियाज अंसारी ,असगर अली रफीक अंसारी, लतीफुर रहमान, सफीक अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
ओमे और खपिया के ग्रामीणों के इस कड़े रुख से क्षेत्र में जमीन के मुद्दे को लेकर माहौल गरमाता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल पहल कर उनकी बात सुनने और उचित समाधान निकालने की मांग की है।
ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश — “हमारी जमीन, हमारा अधिकार; जान देंगे, जमीन नहीं देंगे।”
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