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ग्रामीण एकल महिलाओं ने जाना ‘चमत्कारों’ के पीछे का विज्ञान

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May 24, 2026
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चिलगु, दलमा (झारखंड): सरायकेला-खरसावां ज़िले स्थित सोबरन स्मृति शिक्षापीठ में एकल नारी सशक्ति संगठन, झारखंड द्वारा अपने नेतृत्वकारी सदस्यों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अंधविश्वास उन्मूलन पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र के दौरान झारखंड के 13 ज़िलों से महिलाओं की भागीदारी रही।

 

सत्र का संचालन हरियाणा विज्ञान मंच के विज्ञान संचारक सुभाष अनुराग ने किया। उन्होंने कई रोचक वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से उन तथाकथित “चमत्कारों” के पीछे छिपे वैज्ञानिक तथ्यों को महिलाओं के सामने सरल ढंग से प्रस्तुत किया, जिन्हें अक्सर ढोंगी बाबा और अंधविश्वास फैलाने वाले तत्व चमत्कार के रूप में प्रचारित करते हैं।

 

सत्र के बाद प्रतिभागी महिलाओं ने कहा कि आज उन्हें समझ आया कि तथाकथित बाबाओं द्वारा किस तरह चालाकी और भ्रम पैदा कर लोगों को ठगा जाता है। उन्होंने माना कि ऐसे तथाकथित चमत्कार वास्तव में लोगों को गुमराह कर आर्थिक लाभ कमाने का माध्यम होते हैं।

 

झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास आज भी व्यापक रूप से फैला हुआ है, जिसका प्रभाव विशेष रूप से महिलाओं पर पड़ता है। कई बार महिलाएं न केवल इसका शिकार बनती हैं, बल्कि अनजाने में इसके प्रसार का हिस्सा भी बन जाती हैं। ऐसे में यह सत्र महिलाओं के बीच वैज्ञानिक सोच विकसित करने और अंधविश्वास के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

 

सत्र के दौरान एकल नारी सशक्ति संगठन के संस्थापक बिन्नी, संगठन से जुड़े कुमार दिलीप एवं विज्ञान संचारक विकास कुमार भी मौजूद रहे।

इसके अलावा प्रीति गुड़िया, परवाना खातून, सुहागिनी टुडू, मनीषा श्वेता मरांडी, सब्बा परवीन, अज़िमा खातून, पिंकी कुमारी, हीरा हांसदा, शिवानी बारीक, हिमानी महतो, मामोनी महतो, मिरु किस्कू, अनीता देवी, सुकुरमनी, मंजू, बबीता देवी आदि शामिल रही हैं।


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