
गोविंदपुर प्रखंड, उमेश गिरि
पृथ्वी पर जब पाप बढ़ जाता है असुरों का अत्याचार बढ़ जाता जब जब हो धर्म की ग्लानि बड़े असुर अभिमानी तब तब प्रभु अत्याचार को समाप्त करने के लिए भगवान पृथ्वी पर अवतार लेते हैं राम जन्म एवं लखन भरत शत्रुघ्न जन्म उत्सव के साथ बधाई संगीत के साथ श्रद्धालु महिला पुरुष भक्ति में वातावरण के साथ प्रभु के जन्म उत्सव पर झूमते नजर आए मंदिर परिसर भक्ति में वातावरण से गूंज उठा श्री रामचरितमानस की कथा जीवन की व्यथा को हरने वाली कथा है कलयुग में लोगों को किस प्रकार जीवन यापन करना चाहिए बहुत ही विस्तार से यह कथा को बताया गया है साथ ही एक आदर्श प्रस्तुत समाज के सामने भगवान श्री श्रीमर्यादा पुरुषोत्तम राम जीवन की जो लीला है वह विश्व के धरातल पर रखा गया है श्री त्रिदेव शास्त्री जी महाराज गोस्वामी श्री तुलसीदास रचित राम चरित्र मानस जीवन के व्यथा को हरने वाली कथा है मनु महाराज और शतरूपा हजार वर्षों के तपस्या के बाद भगवान विष्णु प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देते हैं पुत्र रूप में उनके यहां उनका आगमन होगा वही मनु महाराज और शतरूपा त्रेता युग में राजा दशरथ और माता कौशल्या के रूप में उनका जन्म हुआ

माता कौशल्या के पुत्र बनकर त्रेता युग में भगवान राम का अवतार होता है और पपिया का अंत करते हैं

भगवान विष्णु के द्वारपाल जय और विजय
ऋषि सनकादिक
सनक ,सननद , सनातन सनंत कुमार भगवान विष्णु से मिलने के लिए विष्णु लोक पधारते हैं लेकिन द्वारपालो के द्वारा उन्हें रोक दिया जाता है की प्रभु विश्राम अवस्था में है द्वारपाल के द्वारा तीन बार बोलने पर रोक दिया गया तब तीनों ऋषि कुमारन ने उन्हें श्राप दे दिया की भगवान से मिलने के लिए भक्त को रोका जाए
तीन जन्मों तक उन्हें राक्षस योनि का श्राप मिला
वही जाए और विजय त्रेता युग में रावण और कुंभकरण के रूप में उनका जन्म होता है
श्राप से ग्रसित होने पर भगवान विष्णु ने विनय और प्रार्थना ऋषियों से की इनकी उधर के लिए
तब ऋषि पुत्रों ने भगवान विष्णु के त्रेता युग में उनके अवतार से जब त्रेता युग में भगवान राम अवतार लेंगे तो आप क्यों इन्हीं के हाथों से मुक्ति मिलेगी
भगवान राम का अवतार होता है नाना प्रकार के लीलाएं भगवान राम करते हैं
पिता की आज्ञा से 14 वर्ष का वनवास करते हैं सभी राक्षसों का वध करते हैं रावण के से अत्याचार सभी ऋषि मुनि
भगवान राम से प्रार्थना करते हैं की रावण का अंत कर पृथ्वी की रक्षा करें
रामचरितमानस से शिक्षा मिलती है जीवन किस प्रकार यापन करना चाहिए इस प्रकार माता-पिता की सेवा करना चाहिए किस प्रकार भाइयों को प्रेम से रहना चाहिए किस प्रकार पत्नी के साथ प्रेम पूर्वक सुख दुख में साथ रहना चाहिए किस प्रकार प्रजा के साथ व्यवहार करना चाहिए किस प्रकार राजा का शासन होना चाहिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम अपनी लीलाओं के द्वारा यह समझ रहे हैं कि इस संसार में दुख और सुख भगवान के साथ में भी चलता रहता है इसलिए मानव किसी प्रकार की स्थिति हो धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए जब पाप और अनाचार अचार बढ़ जाता है तो युगों युगों में भगवान प्रेम से प्रकट होते हैं और भक्तों की रक्षा करते हैं
कथा दिन दिवसीय विश्राम हुआ सभी महिलाओं पुरुषों का भरपूर सहयोग रहा मंदिर कमेटी गोसाईडीह के सभी
श्रद्धालुओं एवं भक्तों को आभार व्यक्त किया
गोविंदपुर प्रमुख निर्मला सिंह
एवं पूर्व उप प्रमुख डीएन सिंह
भाजपा नेता विक्रांत उपाध्याय वरिष्ठ पत्रकार अशोक गिरि
मंदिर कमेटी सचिव एके विश्वास, अध्यक्ष मोहन राय राजकुमार गिरि
भोला लाल , दिलीप सिंह, विकास गिरि, शिक्षक मनोज गिरि , गणेश गिरि विनोद गुप्ता,कामदेव पासवान इंद्रदेव पासवान , रमाकांत सिंह , छोटू सिंह,दीपू गोप , राज कपूर गिरि रूपा तिवारी, श्वेता झा, दिलीप गिरि सौरभ गिरि सत्येंद्र गिरी उमेश गिरि अनुराग गिरि केडीपी सिंन्हा आदि का भरपूर सहयोग रहा
कथा पंडाल में मुख्य रूप से
सभी भक्त एवं श्रद्धालु गण मौजूद रहे महिला पुरुष काफी संख्या में पहुंचे
रूपा तिवारी स्वेता झा पत्रकार चंचल गोस्वामी भाजपा नेत्री नीतू शंकर पूर्व मुखिया सुभाष गिरि तपन गोप , परमानंद गिरि उमाशंकर गिरि मंदिर महिला मंडली एवं समस्त ग्रामवासी कथा बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
पुणे 1 सितंबर से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन मंदिर परिसर में होने जा रहा है कृपया सभी श्रद्धालु जिस प्रकार तीन दिनों के कार्यक्रम में समय निकालकर पहुंचे इस प्रकार भागवत में भी आपका
पहुंच कर कथा को आनंद एवं प्रेम पूर्वक भक्ति में वातावरण
प्रदान करें जय श्री मन नारायण जय श्री राम चरित्र मानस कथा
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