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खरीफ 2026 में किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता:- उपायुक्त

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Aug 20, 2026
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पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत वनपाल प्रशिक्षण केंद्र, चाईबासा स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना-खरीफ 2026 के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, डीडीएम-नाबार्ड, बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रतिनिधि, एटीएम/बीटीएम, सीएससी मैनेजर, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी तथा विभिन्न लैम्पस के अध्यक्ष एवं सचिव सहित संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। कार्यशाला में खरीफ मौसम में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले फसल नुकसान के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों के निबंधन, दावा प्रक्रिया तथा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।

 

*◆ 31 अगस्त तक किसानों का बीमा सुनिश्चित कराने का निर्देश*

 

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ते हुए 31 अगस्त 2026 तक पात्र किसानों का फसल बीमा कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजना की जानकारी केवल जिला या प्रखंड स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि पंचायत एवं गांव स्तर तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, लैम्पस, बैंकिंग संस्थानों, प्रज्ञा केंद्रों तथा संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को योजना के लाभ, निबंधन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा दावा प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में सरल भाषा में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी पात्र किसान को जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। इसके लिए प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करते हुए किसानों को समय-सीमा के भीतर निबंधन के लिए प्रेरित किया जाए।

 

*◆ मात्र 1 रुपये में फसल को मिलेगा बीमा सुरक्षा कवच*

 

कार्यशाला में बताया गया कि झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के सहयोग से बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का संचालन किया जा रहा है। खरीफ 2026 मौसम के लिए साहिबगंज, पलामू, रामगढ़ एवं पश्चिमी सिंहभूम जिलों को अधिसूचित किया गया है। इन जिलों में अगहनी धान एवं भदई मकई की फसलों का बीमा किया जाएगा। योजना के तहत किसान मात्र 1 रुपये में अपनी फसल का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान के विरुद्ध सुरक्षा कवच प्राप्त कर सकते हैं। किसानों के प्रीमियम में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भागीदारी है तथा शेष प्रीमियम राशि का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

 

*◆ इन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा दावा*

 

कार्यशाला में योजना के अंतर्गत मिलने वाले सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम के कारण बुआई विफल होने की स्थिति में निर्धारित प्रावधानों के तहत बीमा दावा देय होगा। इसी प्रकार फसल कटाई प्रयोग के आधार पर निर्धारित थ्रेसहोल्ड उपज से कम वास्तविक पैदावार होने पर भी पात्र किसानों को दावा राशि का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखे गए फसल के बंडलों को आगामी 14 दिनों की अवधि में चक्रवात अथवा बेमौसम वर्षा से नुकसान होने पर भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को हुए नुकसान की स्थिति में भी बीमा दावा प्राप्त करने का प्रावधान है। हालांकि स्थानीय आपदा के अंतर्गत धान की फसल में जलप्लावन/डूबने से होने वाली क्षति को शामिल नहीं किया गया है।

 

*◆ ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों किसान हो सकते हैं योजना में शामिल*

 

योजना के अंतर्गत ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसान पात्र हैं। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित ऋणदाता संस्था द्वारा नियमानुसार किया जाएगा। वहीं गैर-ऋणी किसान अपनी निकटतम बैंक शाखा, कोऑपरेटिव सोसाइटी, प्रज्ञा केंद्र, पोस्ट ऑफिस, फसल बीमा ऐप अथवा आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपना निबंधन करा सकते हैं। गैर-ऋणी किसानों को निबंधन के लिए नवीनतम आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज एवं फसल बुआई का प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

 

*● गांव-गांव तक पहुंचे योजना की जानकारी :- उपायुक्त*

 

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के बीच योजना को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जैसे कृषि प्रधान जिले में किसानों की आय एवं आजीविका को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने के लिए फसल बीमा योजना महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि योजना की जानकारी समय पर किसानों तक पहुंचे और निबंधन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई उत्पन्न न हो। उन्होंने लैम्पस के अध्यक्ष एवं सचिवों को अपने-अपने क्षेत्र के किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिकाधिक किसानों को योजना से जोड़ने, एटीएम/बीटीएम को क्षेत्र भ्रमण कर किसानों को जागरूक करने तथा सीएससी एवं बैंकिंग संस्थानों को निबंधन प्रक्रिया को सुगम बनाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने पदाधिकारियों से कहा कि योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए तथा निबंधन की प्रगति की जानकारी जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से 31 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व लक्ष्य के अनुरूप अधिकतम किसानों का निबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

 

*◆ शिकायत एवं जानकारी के लिए हेल्पलाइन उपलब्ध*

 

किसानों को योजना से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी अथवा शिकायत के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।

इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 706514447 के माध्यम से भी योजना से संबंधित सहायता प्राप्त की जा सकती है। किसान अधिक जानकारी के लिए गूगल प्ले स्टोर से Farm Mitra App डाउनलोड कर योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यशाला के माध्यम से जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते अपनी फसल का बीमा कराएं और प्राकृतिक आपदा एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले संभावित फसल नुकसान के विरुद्ध स्वयं को सुरक्षित करें।


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