• Fri. Jan 2nd, 2026

कोल कम्पनियों के 67 हजार क्वार्टरों पर अवैध कब्जा

ByAdmin Office

Jan 24, 2023

धनबाद
केंद्रीय सरकार के उपक्रम कोल इंडिया लिमिटेड की झारखंड स्थित अनुषांगिक कंपनियों के 67 हजार क्वार्टरों पर अवैध कब्जा है.

कब्जा करने वालों में राजनीतिज्ञ, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक यूनियन के नेता व अन्य स्तर के दबंग लोग हैं. ऐसे लोग मजे में फ्री का बिजली-पानी ले रहे हैं. दूसरी ओर इन कंपनियों में बरसों बरस काम करने के बाद हजारों सेवानिवृत्त कर्मी सिर छुपाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं.

जानकारी के अनुसार सेंट्रल कोलफील्ड लीमिटेड में लगभग 65 हजार क्वार्टर हैं, जबकि इसके कर्मियों की संख्या 33 हजार के करीब है. इसी प्रकार भारत कोकिंग कोल लिमिटेड में इस समय 30 हजार अधिकारी-कर्मचारी हैं, जबकि इसके शानदार आवासों की संख्या 65 हजार है. अर्थात दोनों कंपनियों के 67 हजार आवासों पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है. शहर में भूली की पूरी कॉलोनी पर ही एक तरह से अवैध कब्जा वर्षों से बरकरार है. बीसीसीएल के कार्मिक नगर, कोल बोर्ड कॉलोनी, जगजीवन नगर व कोयला नगर स्थित बंगलों में रहना शान की बात मानी जाती है. कोयलांचल मुख्यालय धनबाद के हृदयस्थल में अवस्थित इन इलाकों में जल व बिजली की नियमित आपूर्ति होती है.

ऐसे आलीशान बंगलों की संख्या 70 से अधिक बताई जाती है. साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल व मार्केट सब निकट में ही हैं. इन कॉलोनियों के सर्वाधिक क्वार्टरों पर राजनीतिक दलों के लोग, लेबर यूनियन के नेता, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी कब्जा जमाये बैठे हैं. बीसीसीएल में आवास आवंटन के लिए बाजाप्ता कमिटी गठित है . लेकिन ऊपर के प्रेशर में गैर कर्मियों को बंगला आवंटित करना उसकी मजबूरी है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बीसीसीएल के लोदना एरिया में सर्वाधिक 21 सौ से अधिक क्वार्टरों पर दूसरे लोगों ने कब्जा जमा रखा है. पुटकी बलिहारी में यह संख्या दो हजार के करीब है. ऐसे आवासों की संख्या लगभग 10 हजार है, जो बीसीसीएल का है और जिन पर दूसरे लोगों का कब्जा है.

इस संबंध में विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने प्रबंधन को नायाब सुझाव दिया है. एआईटीयूसी, आरसीएमएस, इंटक के नेताओं का कहना है कि सेवानिवृत्त होने के कारण बड़ी संख्या में क्वार्ट खाली हैं, जिसका अतिक्रमण कर असामाजिक तत्व रह रहे हैं. यदि इन्हीं रिटायर्ड कर्मियों को उक्त आशियाना लीज पर दे दिया जाए तो कोल कंपनियों को लाभ तो होगा ही, सेवानिवृत कर्मियों को कहीं भटकना भी नहीं पड़ेगा . वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के महासचिव एके झा का कहना है कि निकट के सिंदरी में ही एफसीआई ने अपने रिटायर्ड कर्मियों व अधिकारियों को लीज पर आवास की सुविधा प्रदान की है.


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *