
धनबाद: बॉलीवुड हो या साउथ सिनेमा, फिल्म प्रमोशन के दौरान अक्सर एक्टर्स से उनकी एक्टिंग, किरदार या शूटिंग के अनुभवों पर बात होती है। लेकिन केरल में एक्ट्रेस मालविका शर्मा के साथ जो हुआ, उसने फिर से इस बहस को हवा दे दी है कि क्या पत्रकारिता का स्तर वाकई गिर रहा है या सिर्फ टीआरपी और एजेंडा चमकाने का खेल चल रहा है?
क्या है पूरा विवाद….

केरल में एक फिल्म प्रमोशन इवेंट के दौरान एक पत्रकार महाशय ने मालविका शर्मा से काम-काज की बात छोड़कर सीधा सवाल दाग दिया—”क्या आप बीफ़ खाती हैं?” अब सवाल जितना अटपटा था, मालविका का जवाब उतना ही बेबाक। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि वह पूरी तरह से ‘शुद्ध शाकाहारी’ हैं। मामला यहीं खत्म हो सकता था, लेकिन सवाल की टाइमिंग और मंशा पर बवाल कटना तो तय था।

धनबाद से उठी विरोध की आवाज़: “मर्यादा भूल गई है मीडिया!”…..
इस वाकये की गूंज अब झारखंड के धनबाद तक पहुँच गई है। झरिया-धनबाद गौशाला में मालविका शर्मा के तुलादान और गौसेवा से जुड़े होने का हवाला देते हुए प्रसिद्ध गौसेवक अनिल खेमका ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है। गौसेवक अनिल खेमका ने पत्रकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि गौमाता करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र हैं। बिना किसी संदर्भ के ऐसा सवाल पूछना सिर्फ विवाद खड़ा करने की कोशिश है।कलाकार से उसकी फिल्म और अभिनय पर बात होनी चाहिए, न कि उसकी थाली में झांकने की कोशिश की जाए। सवाल पूछना मीडिया का हक है, लेकिन संवेदनशीलता और भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना भी उतना ही ज़रूरी है।
सवाल जो पीछे छूट गया…
निजी खान-पान का किसी फिल्म प्रमोशन से क्या लेना-देना? क्या आज की पत्रकारिता सिर्फ सनसनीखेज सवाल पूछकर टीआरपी बटोरने तक सीमित रह गई है? फिलहाल मालविका शर्मा ने अपने ‘शुद्ध शाकाहारी’ जवाब से सवाल पूछने वाले की बोलती तो बंद कर दी है, लेकिन इस घटना ने मीडिया के घटते स्तर और एजेंडे पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
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