
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी: बराकर शहर के बेगुनिया बाजार स्थित गौरांग मंदिर में रथ यात्रा के पूर्व बुधवार को भगवान जगन्नाथ को विधिवत स्नान कराया गया । जब कि गुरुवार को होने वाले कार्यक्रम को लेकर जोर-शोर से तैयारी चल रही हैं ।

इस दौरान सभी लोगों ने मंत्रोचार के साथ विभिन्न स्नान के लिए रखी हुई सामग्रियों से क्रम बध तरीके से भगवान को स्नान कराया । इस संबंध में साधु हरे कृष्ण बाबा ने बताया कि साधु सीताराम बाबा द्वारा प्रतिष्ठित गौरांग मंदिर में आरंभ से ही रथ यात्रा के एक दिन पूर्व ही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा को विधिवत मंत्रोचार के साथ स्नान कराया जाता है । उन्होंने कहा कि यहां मंदिर परिसर में ही गौरांग महाप्रभु ,नित्यानंद , मां अन्नपूर्णा , राधा कृष्ण आदि देवी देवता स्थापित है । क्योंकि जगन्नाथ जी के स्नान के बाद 15 दिन मंदिर के शयनकक्ष में रहते है । इसलिए रथ यात्रा के 1 दिन पूर्व इन्हें स्नान कराने से 15 दिनों तक मंदिर बंद रखना नहीं पड़ता और सभी देवी देवताओं का भोग आदि लगाना जारी रहता है ।

उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ को 28 अलग-अलग पदार्थ से स्नान कराया जाता है । जिसमें गंगाजल, सप्तसागर, जल, मधु, दूध ,चंदन ,नारियल पानी आदि शामिल है ।
वहीं दूसरी ओर कुल्टी के सिमुलग्राम और रांचीग्राम में उत्कल समाज द्वारा भगवान जगन्नाथ को स्नान कराने के अलावा नेत्र दान की विधि का भी पालन किया गया । इस संबंध में कुल्टी सेंट्रल लाड॔ जगन्नाथ सेवा समिति सिमुल ग्राम के सचिव कल्पतरु तांडिया ने बताया हैं कि बीमार रहने पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा आराम करते हैं । गुरुवार को होने वाले रथोत्सव की तैयारी में समिति के सदस्य लग जाते हैं । जिससे रथोत्सव के समय किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने पाय । इस दौरान पंडित हारू प्रसाद ने सभी विधि-विधान किए।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
