
*धनबाद :* कुरमी आंदोलन के दौरान गोमो में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता किया गया है। जगह-जगह बेरिकेडिंग की गई है। सुबह 8 से 11:20 बजे तक आन्दोलनकारी खेशमी के पास जुटे हुए थे। कुछ लोग बोरे में मूढी बांटा जा रहा था।
पुलिस प्रशासन और आन्दोलनकारियों के बीच खेशमी में एक दौर समझाने का प्रयास भी जारी रहा। एक घंटे की बैठक में प्रशासन की ओर से वापस लौटने की अपील की गई। इधर आन्दोलनकारियों के.संख्या बल कम होने की वजह से नेतृत्वकर्ता गोमो स्टेशन की ओर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अंततः नेतृत्व कर रहे अजीत महतो, मंटू महतो, हलधर महतो, सदानंद महतो आदि जुटे थए। हलांकि अजीत महतो ने खेशमी में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कुरमी आपस में बंट गए हैं। कोई आजसू है कोई जेएमएम है तो कोई अन्य पार्टियों से जुड़ा है। इसलिए लोग एकजुट नहीं हो पा रहे हैं। कुल मिलाकर ये लग रहा है कि आन्दोलन की जो धार थी वो गोमो में कमजोर पड़ गई है। गोमो-कुड़मी आन्दोलनकारियों को रोकने के लिए आरपीएफ, आरपीएसएफ समेत जैप की दो कंपनी, जिला पुलिस की लगभग एक सौ से अधिक पुलिस बलों को गोमो बुलाया गया था। लेकिन देखा गया कि अचानक रेलवे पुलिस और जिला पुलिस के बीच समन्वय स्थापित नहीं था। आरपीएफ तथा आरपीएसएफ प्लेटफार्म पर अकेले रह गए थे। स्थानीय थाने की सभी पुलिस वापस लौट गई। आन्दोलनकारी मंटू महतो की अगुवाई में प्लेटफार्म नंबर एक, दो, तीन तथा चार पर पटरी पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस सभी आन्दोलनकारियों का वीडियो फुटेज तैयार कर रही थी। ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। आन्दोलनकारी रेलवे पटरी पर ढोल नगाड़ों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।. रेल प्रशासन वार्ता के लिए नेतृत्वकर्ता को आमंत्रित कर रही है।
गोमो-अभी दोपहर 11:50 बजे खेशमी से आन्दोलनकारी पैदल नारेबाजी करते हुए गोमो स्टेशन की तरफ चल पड़े हैं। करीब दो किमी की दूरी पैदल तय करके पहुंच रहे हैं गोमो स्टेशन। गोमो स्टेशन के बाहर चप्पे चप्पे पर.पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है।

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