
*धनबाद :* नलकूप घोटाला में शुक्रवार को एसीबी ने 29 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली. आरोपियों में 11 इंजीनियर और 18 ठेकेदार शामिल हैं. गोविंदपुर और निरसा प्रखंड की अलग-अलग पंचायतों में नलकूप लगाने में गड़बड़ी की गयी थी.
शिकायत की जांच में धनबाद एसीबी ने मामले को सही पाया था.
*ये बनाने गये आरोपी :*
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तत्कालीन कनीय अभियंता वंश नारायण राम वर्तमान में दुमका के प्रशाखा जामा में पदस्थापित, तत्कालीन सहायक अभियंता अक्षयलाल प्रसाद अभी सेवानिवृत्त (पीएचइडी पानी टंकी, बालीडीह, बोकारो) , तत्कालीन सहायक अभियंता सहेंद्र रजक वर्तमान में कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गुमला,
तत्कालीन कनीय अभियंता अनिल कुमार सिन्हा वर्तमान में कनीय अभियंता तोपचांची प्रमंडल संख्या-02, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता संजय कुमार झा वर्तमान में अधीक्षण अभियंता दुमका, तत्कालीन कनीय अभियंता सुनील कुमार वर्तमान में कनीय अभियंता गिरिडीह.
*धनबाद नलकूप घोटाले*
साथ ही, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार वर्तमान में अधीक्षण अभियंता रांची अंचल,) तत्कालीन कनीय अभियंता देवेंद्र नाथ महतो वर्तमान में कनीय अभियंता (प्राक्कलन) पेयजल एवं स्वच्छता अंचल धनबाद, तत्कालीन प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी जेम्स विलियम टोप्नो वर्तमान में आरइओ जमशेदपुर, तत्कालीन कनीय अभियंता सुमेश्वर मिश्रा वर्तमान में कनीय अभियंता पीएमयू डोरंडा रांची,
तत्कालीन सहायक अभियंता दयाशंकर प्रसाद अभी सेवानिवृत्त (कुसुम विहार, कोयला नगर, धनबाद), ठेकेदार मेसर्स बिनोद इंटरप्राइजेज भूईफोड़ के बिनोद कुमार, संवेदक मेसर्स शिवपूजन प्रसाद गोविंदपुर, संवेदक मेसर्स चंद्रशेखर झा धनबाद, संवेदक सियाराम राय धैया, संवेदक मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन धनबाद, संवेदक तालेवर महतो भोजूडीह महाराजगंज टुंडी, संवेदक मेसर्स नीलम सिन्हा,
झाड़ूडीह, संवेदक अभय सिन्हा, संवेदक जय माता दी बोरवेल की रेखा सिन्हा सिमलडीह तेलीपाड़ा हीरापुर, संवेदक मेसर्स अरिहंत कंस्ट्रक्शन धनबाद, संवेदक नरेंद्र कुमार चौधरी धनबाद, संवेदक संजय कुमार शर्मा धनबाद, संवेदक मेसर्स कल्याणेश्वरी कंस्ट्रक्शन मैथन, संवेदक मेसर्स सूर्या कंस्ट्रक्शन मैथन, संवेदक उत्पल दास पिंड्राहाट, संवेदक मेसर्स बिनोद कुमार लाल (दिलीप कुमार राय) धनबाद, संवेदक मुकेश कुमार सिंह झाडूडीह धनबाद और संवेदक मनोज कुमार सिंह झाड़ूडीह भी आरोपी बनाये गये हैं.
*क्या है पूरा मामला :*
गोविंदपुर और निरसा प्रखंड की पंचायतों में वित्त वर्ष 2011-12, 2012-13 एवं 2013-14 में गाड़े गये नलकूपों की जांच तकनीकी परीक्षक कोषांग से करायी गयी थी. जांच के दौरान पाया गया था कि करीब दो करोड़ से अधिक राशि का गबन हुआ है. यह भी पाया गया था कि साधारण चापानल, विशेष मरम्मत चापानल, उच्च प्रवाही नलकूप, फोर्स एंड लिफ्ट एवं स्वजल धारा योजना अंतर्गत कई स्थानों पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया था.
नये चापानल एवं विशेष मरम्मत चापानल के पास चाताल और नाला के अलावा शॉकपिट का निर्माण भी ठेकेदारों ने नहीं किया था. लेकिन अभियंताओं की मिलीभगत से बिना निर्माण कराये मापी पुस्तिका तैयार कर फाइल बिल तैयार कर ठेकेदारों को राशि का भुगतान कर दिया गया. जांच में उक्त लोगों की भूमिका सामने आने पर एसीबी ने संबंधित लोगों के खिलाफ विभाग से प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी. मंत्रिमंडल निगरानी विभाग से अनुमति मिलने के बाद एसीबी ने यह कार्रवाई की है.

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