
जमशेदपुर। फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसाइटी (एफटीएस) के जमशेदपुर चेप्टर की ओर से शनिवार को बिष्टुपुर स्थित नरभेराम स्कूल के कुसुम कमानी ऑडिटोरियम में प्रसिद्ध कवि, अभिनेता एवं साहित्यकार शैलेश लोढ़ा अभिनीत मेगा थिएटर प्ले ‘डैड्स गर्लफ्रेंड’ का मंचन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मनोरंजन के साथ एकल अभियान के माध्यम से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज को इस पुनीत कार्य से जोड़ना था। प्रसिद्ध नाटककार एवं निर्देशक अतुल सत्य कौशिक द्वारा लिखित, परिकल्पित और निर्देशित यह नाटक पारिवारिक रिश्तों, पीढ़ियों के बीच वैचारिक अंतर, प्रेम, हास्य और भावनाओं को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। कहानी प्रतिष्ठित लेखक, प्रोफेसर एवं वक्ता अनिमेष के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी दिया और दामाद कनय से मिलने भारत लौटते हैं। इसी दौरान उनकी प्रशंसक अवनी के आने से परिवार में हास्यपूर्ण परिस्थितियां पैदा होती हैं। नाटक रिश्तों की जटिलताओं के बीच आपसी समझ, प्रेम और संवाद के महत्व को रेखांकित करता है। नाटक में शैलेश लोढ़ा ने अनिमेष, अनुभेहा जैन ने दिया, अमन बाजपेयी ने कनय और मेघा माथुर ने अवनी की भूमिका निभाई। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों के सामने पारिवारिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ तीन बार ओम उच्चारण, एकल गीत और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन एफटीएस जमशेदपुर चेप्टर के सचिव सीए संजय गोयल ने किया। दीपक डोकानिया ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथियों और दर्शकों का अभिनंदन किया। सुनील बागड़िया ने एफटीएस संस्था एवं एकल अभियान के उद्देश्यों, गतिविधियों और ग्रामीण तथा जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में सहयोग देने वाले दानदाताओं और प्रायोजकों के प्रति अभिषेक गर्ग ने आभार व्यक्त किया। संयोजक जितेंद्र अग्रवाल ने नाटक, कलाकारों और प्रस्तुति के संबंध में जानकारी दी। अंत में सीए सौरभ अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कलाकारों, दानदाताओं, प्रायोजकों, आयोजन समिति, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों और दर्शकों के प्रति आभार जताया।

इस आयोजन के माध्यम से एफटीएस ने कला एवं संस्कृति को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया।
संस्था ने उपस्थित लोगों से एकल अभियान के तहत ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने की अपील की। संस्था के अनुसार 1,500 रूपये के वार्षिक सहयोग से एक बच्चे की शिक्षा में तथा 30,000 राशि के वार्षिक सहयोग से एक एकल विद्यालय के संचालन में मदद की जा सकती है।
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