
*भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखने वाले दादाभाई नौरोजी का जन्म मुंबई (बम्बई) के एक गरीब पारसी परिवार में 4 सितंबर को हुआ था।*

*बम्बई के एल्फिंस्टोन इंस्टिट्यूट से पढ़ाई पूरी करने के बाद मात्र 27 वर्ष की उम्र में वे गणित, भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक बन गए।*

*दादाभाई नौरोजी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह बात उस समय की है जब कांग्रेस में विचारधारा के आधार पर दो गुट बन गए थे, जिन्हें ‘नरम दल’ और ‘गरम दल’ कहा जाता था। दोनों दलों की कार्यशैली उनके नाम के अनुसार ही थी।*
*दोनों ही दल एक-दूसरे की विचारधारा की जरूरत को समझने लगे। इस प्रकार टूटने के कगार पर पहुंच चुकी कांग्रेस में दादाभाई नौरोजी के प्रयासों से फिर एकता स्थापित हो गई। दादाभाई नौरोजी सम्मानपूर्वक को ‘ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया’ कहा जाता था।*
*1906 में एक अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने स्व-शासन की मांग सार्वजनिक रूप से व्यक्त की थी।*
*ऐसे आधुनिक भारत के निर्माण और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी रहे दादाभाई नौरोजी का 30 जून, 1917 को उनका निधन हुआ।*
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