
इस दिन का उद्देश्य है ऐसे लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना जिनके पास आज के ज़माने में भी सुरक्षित और स्वच्छत शौचालय नहीं है और वैश्विक स्वच्छता संकट से निपटने के लिए कार्रवाई शुरू करना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2013 में विश्व शौचालय दिवस को एक आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र दिवस घोषित किया था।*

*क्या है विश्व शौचालय दिवस*

शौचालय न सिर्फ हमारे जीवन को बचाने का काम करते हैं बल्कि कई तरह की बीमारियों के प्रसार को भी रोकने में मदद करते हैं। खुले में शौच कई बीमारियों को न्योता देता है, इसलिए विश्व शौचालय दिवस वैश्विक स्वच्छता संकट से निपटने के लिए प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण दिवस है।
*World Toilet Day 2022: थीम*
इस साल वर्ल्ड टॉयलेट डे की थीम है, “आइए अदृश्य को दृश्य बनाएं” (Let’s make the invisible visible)।
*भारत में साल 2014 को स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया गया। 2 अक्टूबर को यानी गांधीजी की जयंती के दिन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन को दो भागों में बांटा गया था। पहला स्वच्छ भारत ग्रामीण: इसके तहत गांवों में हर घर में शौचालय बनाने और खुले में शौच न करने का लक्ष्य रखा गया था। वहीं दूसरा था स्वच्छ भारत: शहरी। इस मिशन का मक़सद था यह सुनिश्चित करना कि घरों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी शौचालय हों। साथ ही फोकस कूड़ा-कचरा प्रबंधन पर भी है।*
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