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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं की नौकरी होगी पक्की.मानदेय में भी होगी बढ़ोतरी? लोकसभा में गूंजा मुद्दा

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ByAdmin Office

Dec 19, 2022

 

*नई दिल्ली :* आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका सरकारी योजनाओं की वो कड़ी हैं, जो सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम योगदान अदा करते हैं।
लेकिन आंगनबाड़ीकर्मी अभी तक सरकारी कर्मचारी बनने की बाट जोह रहे हैं। कई बार तो अपनी सैलरी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की मांग पर विशेष ध्यान नहीं दिया है। वहीं, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एक फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुद्दा गूंजा है।
मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा में कई पार्टियों के सदस्यों ने सरकार से आंगनबाड़ी सहायिकाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति पर ध्यान देने, कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने और सैलरी बढ़ाने की मांग की। सदन में बहुजन समाज पार्टी के रितेश पांडेय द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायकों के लिए कल्याणकारी कदम पर पेश निजी संकल्प पर चर्चा हुई।
चर्चा में हिस्सा लेते हुए BJP के गोपाल शेट्टी ने कहा कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने सवास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी काम किया है। उन्होंने कहा कि जब कोरोना महामारी के समय कोई काम करने आगे नहीं आता था, तब भी इन आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने बहुत काम किया और कोविड टीकाकरण में भी सहयोग किया। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य क्षेत्र की सभी केंद्रीय योजनाओं का दायरा बढ़ाने के लिए जल्द जनगणना पूरा किया जाए और आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्थायी स्वास्थ्य कार्ड भी दिया जाए, भले ही 2011 की जनगणना में उनका नाम नहीं हो। शेट्टी ने कहा कि अच्छा काम करने वाली आंगनबाड़ी सेविकाओं का चयन कर उन्हें एकदो साल का प्रशिक्षण देकर नर्स बनाया जाए।
आईयूएमएल के अब्दुस्समद समदानी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर उचित तरीके से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की योग्यता और भर्ती प्रक्रिया के लिए सख्त दिशानिर्देश होने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में कई आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने कहा, मेरा सरकार से आग्रह है कि उच्च तकनीक वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए धन दिया जाए।
कांग्रेस के जसबीर गिल ने मांग की कि आंगनबाड़ी की नौकरी पक्की की जानी चाहिए। भाजपा के निहाल चंद ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने और उसे वेतन की तरह प्रदान किये जाने की मांग की। चर्चा में भाग लेते हुए बहुजन समाज पार्टी के कुंवर दानिश अली ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों की स्थिति की सुधार की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों को केरल में 12 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में उनकी स्थिति बहुत दयनीय है क्योंकि वहां उन्हें सिर्फ चार हजार रुपये मिलते हैं। अली ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय को बढ़ाया जाए और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सारी सुविधाएं उन्हें मुहैया कराई जाए।


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