
अंतर्कथा : बरही/पंचम पाण्डेय
अल्पसंख्यक कल्याण महासमिति विधानसभा बरही ने कैबिनेट मंत्री सह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकर एवं कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर से मुलाकात कर अपल्पसंख्यकों के विभिन्न समस्याओं के निराकरण के संबंध में प्रार्थना पत्र सौंपा। बताया कि झारखंड राज्य में अनुसूचित जनजाति के बाद सबसे बड़ी आबादी हम अल्पसंख्यकों की है लेकिन हमारी वर्तमान स्थिति दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है, जिसके मुख्य कारणों में इस वर्ग की सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक एवं आर्थिक पिछड़ापन है। अल्पसंख्यकों का रहन-सहन, दिनचर्या, रीति रिवाज एवं संस्कृति अनुसूचित जनजाति की तरह ही है एवं प्रकृति पर आश्रित रहने वाली बिरादरी है। इसीलिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपने आंदोलन काल में बोले हम आदिवासी अल्पसंख्यक आपस में भाई – भाई ” का नारा दिया था । उन्होंने आश्वासन भी दिया था कि झारखंड राज्य अलग होने पर अल्पसंख्यक को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाया जाएगा। जब तक समाज के सभी वर्गों का समान विकास नहीं होगा समृद्ध राष्ट्र एवं राज्य की कल्पना नहीं की जा सकती। अल्पसंख्यक के हित में महामहिम से निम्नांकित मांगे इस आशा एवं विश्वास के साथ समर्पित करती है कि अल्पसंख्यक के हित में द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। महासमिति द्वारा मुख्य मांगो में अल्पसंख्यक आयोग द्वारा अल्पसंख्यकों को बढ़ती हुई अशिक्षा बेरोजगारी को दूर करना, मदरसा बोर्ड का गठन किया जाए एवं आलिम तथा फाजिल की परीक्षा किसी विश्वविद्यालय से संबंध कर ली जाए, रिक्त पड़े उर्दू शिक्षकों की बहाली प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च विद्यालय तक में की जाए, ई कल्याण द्वारा अल्पसंख्यक क्षात्र क्षत्रों को लाभान्वित करने हेतु सभी अल्पसंख्यक स्कूलों को ई कल्याण का आईडी उपलब्ध कराया जाए, 1994 के पश्चात विभिन्न प्रखंडों एवं थानों में उर्दू अनुवादकों की बहाली नहीं हुई है। सभी रिक्त पदों पर उर्दू अनुवादक की बहाली की जाए, पीजीटी बहाली में उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञप्ति जारी नहीं किया गया है, अतः उर्दू शिक्षकों की बहाली हेतु विज्ञप्ति जारी की जाए, प्राथमिक विद्यालय में जहां भी कम से कम 25 उर्दू भाषी छात्र हैं वहां उर्दू शिक्षकों की उपलब्धता कराई जाए, शहीद शेख भिखारी अरबी विश्वविद्यालय कायम किया जाए, मोब्लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए शक्त से शक्त कानून पारित किया जाए, अल्पसंख्यकों पर झूठे मुकदमों को वापस लेने का मांग किया गया है। मौके पर अल्पसंख्यक कल्याण महासमिति विधानसभा बरही अध्यक्ष
मो क्यूम, 20 सूत्री अध्यक्ष प्रखंड बरही इक़बाल रज़ा, प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस रुस्तम अली, मो तौकीर रजा मीडिया प्रभारी, सचिव पप्पू खान, मो जावेद आदि उपस्थित रहें।

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