

धनबाद–अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू-हिंद झारखंड की धनबाद शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक लोयाबाद नंबर-8 मदरसा दीनिया तेगीया मंसूरी मोहल्ला में हाजी मौलाना ग़ुलाम रसूल रिज़वी साहब की अध्यक्षता और ग़ुलाम ग़ौस आसवी की नक़ाबत में सम्पन्न हुई, जिसमें लोयाबाद, धनबाद और झरिया के लोगों ने भाग लिया। इसमें उन्होंने भाग लेकर अपनी उर्दू दोस्ती का सबूत पेश किया।

लोयाबाद में उर्दू भाषा को बचाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें अंजुमन के प्रतिनिधि, धनबाद, झरिया के विद्वान, लेखक बुद्धिजीवियों के साथ-साथ लोयाबाद क्षेत्र के मस्जिदों के इमाम, उर्दू प्रेमी भी शामिल हुए। बैठक में उर्दू के प्रचार-प्रसार एवं प्रकाशन के कार्य को क्रियान्वित करने को लेकर चर्चा की गई। अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू हिंद झारखंड, धनबाद के संयोजक डॉ. हसन निज़ामी ने अपने संबोधन में लोगों को अंजुमन के अतीत, वर्तमान और भविष्य की पृष्ठभूमि के बारे में बताया। कहा कि उर्दू महज़ भाषा नहीं, हमारी तहज़ीब है। उर्दू हमारी पहचान है।
इस सभा में मौलाना ग़ुलाम रज़ा नोमानी ने बताया कि हमें उर्दू के प्रति जागरूक करना होगा। जमाल अनवर, अहमद निसार, इम्तियाज बिन अज़ीज़ ने कहा कि उर्दू भाषा के विकास के लिए अपनी ज़िम्मेदारी समझनी होगी। डॉ. यूनुस फिरदौसी, डॉ. अब्दुल रहमान अब्द, सैयद मिफ्ताह अल-आरिफिन रिजवी, मौलाना गुलाम ग़ौस राशिदी, मुहम्मद कलीम, जलाल अंसारी, मौलाना मेहराब आलम, मुहम्मद शमीम, मुहम्मद नौशाद खान भी बैठक में अपने भाषण में अपने विचार पेश किए और नेक सलाह से नवाज़ा। मौलाना गुलाम रसूल रिज़वी ने अपने सदारती ख़िताब में कहा कि उर्दू के द्वारा हम अपने अख़लाक़ी, समाजी बुराइयों को दूर कर सकते हैं। मुनव्वर हुसैन ने आभार व्यक्त करते हुए सत्र को अगले सत्र तक के लिए समाप्त करने की घोषणा की।
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