
*धनबाद :* 139 करोड 79 लाख 97 हजार 871 रुपये के मानदेय घोटाले में सिंफर के पूर्व निदेशक डॉ. पीके सिंह एवं चीफ साइंटिस्ट सह हेड ऑफ रिसर्च ग्रुप डॉक्टर ए के सिंह को शनिवार 19 अगस्त को अदालत से राहत मिली.

धनबाद सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी पर 26 अगस्त 23 तक रोक लगा दी है. इसके पूर्व 22 जुलाई को अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी पर आज तक के लिए रोक लगाई थी.

दोनों के बैंक खातों को डी फ्रिज करने की अर्जी पर भी सुनवाई 26 अगस्त तक टल गई है. सुनवाई के दौरान सीबीआई के वरीय अभियोजक चंदन सिंह ने दोनो की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि अभी जांच प्रारंभिक दौर में है. जब्त सभी दस्तावेजों की जांच चल रही है. बचाव पक्ष के अधिवक्ता रूपेश सिंह ने कहा कि अभिलेख पर कोई ऐसा साक्ष्य नहीं है कि उन्होंने गलत तरीके से पैसा अर्जित किया अथवा उसका भुगतान किया.
अनुसंधानकर्ता ए एन ठाकुर भी अदालत में मौजूद थे. सीबीआई ने कहा कि वह जमानत अर्जी पर लिखित जबाब दाखिल करेगी. विपक्ष को सुनने के बाद अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने विगत 25 जून को सिंफर के पूर्व निदेशक डॉ पी के सिंह और चीफ साइंटिस्ट सह हेड ऑफ रिसर्च ग्रुप डॉक्टर ए के सिंह के खिलाफ 140 करोड़ रुपये के ऑनरेरियम घोटाले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
सीबीआई ने दोनों के पांच बैंक खातों के ऑपरेशन पर रोक लगाते हुए फ्रीज कर दिया था.
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