
*अंतर्कथा प्रतिनिधि*
गया। बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में बिहार के माननीय राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर आज कार्यक्रम उद्घाटन करने के लिए पहुंचे। जहाँ 10 दिनों तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक विश्व शांति पूजा का आयोजन किया गया है। राज्यपाल का स्वागत जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम के द्वारा किया गया है। महाबोधि मंदिर के गर्वगृह में पूजा अर्चना करने के बाद बोधिवृक्ष के नीचे में कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने किया गया है। वहीँ विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षुओ ने अपनी परंपरा के अनुसार मंत्र उच्चारण किया है।
आज सुबह में लगभग दस देशों के बौद्ध धर्म गुरु और बौद्ध श्रद्धालूओं के द्वारा शांति मार्च निकाला गया है। 80 फीट बुद्ध प्रतिमा स्थल से पद यात्रा विश्व शांति के लिए निकाला गया और कालचक्र मैदान में पद यात्रा समापन किया गया है। विभिन्न देशों से आए बौद्ध श्रद्धालु ने त्रिपिटक ग्रंथ को अपने माथे से लगाया और भगवान बुद्ध के शरण में रखकर सूट पाठ अपने अपने भाषाओं में करेंगे। इसके साथ ही लम्बी पंचशील झण्डा भी भारतीय बौद्ध भिक्षुओ ने निकाला है।राज्यपाल, बिहार द्वारा अपने संबोधन में कहा की ज्ञान की भूमि बोधगया, ज्ञान, शांति, अमन का पैगाम देने वाली भूमि है। भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए विभिन्न उपदेश आज विश्व के लोक यदि पालन करें तो मन की शांति प्राप्त हो सकती है। भगवान बुद्ध को किसी बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी आज पूरा विश्व में सबसे तेजी से प्रसार होने वाला धर्म बौद्ध धर्म है। कंबोडिया के रॉयल दूत ने माननीय राज्यपाल को खादा, स्मृति चिन्ह इत्यादि भेंट कर उनका धन्यवाद किया है।

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