
*नई दिल्ली :* हाल ही में अदाणी ग्रुप द्वारा ट्रेन टिकट बुकिंग सेवा ट्रेनमैन के अधिग्रहण की ख़बरों के साथ बहुत-से मीडिया हाउसों ने लिखा कि अब ग्रुप रेलवे और उसकी ट्रेन टिकट बुकिंग सर्विस आईआरसीटीसी को चुनौती पेश करने जा रहा है, हालांकि यह कतई सही नहीं है.
इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज़्म कॉरपोरेशन लिमिटेड, यानी IRCTC ने रविवार को देश के प्रमुख शेयर बाज़ारों बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को भेजे एक खत में स्पष्ट किया है कि ट्रेनमैन के किसी भी अन्य कंपनी द्वारा किए गए अधिग्रहण से किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. फिनटेक इन्फ्लुएन्सर रवि सुतनजानी ने भी माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर विस्तार से समझाया है कि क्यों इस अधिग्रहण से IRCTC की टिकट बुकिंग सेवा में कतई कोई अंतर नहीं आएगा.
IRCTC ने लिखा कि उनके ई-टिकटिंग बिज़नेस सेगमेंट के संबंध में समाचारपत्रों में प्रकाशित ख़बरों को लेकर स्पष्ट किया जाता है कि भारतीय रेलवे में रोज़ाना लगभग 14.5 लाख रिज़र्व्ड टिकट बुक किए जाते हैं, जिनमें से 81 फीसदी, यानी लगभग 11,74,500 टिकट IRCTC के ज़रिये बुक किए जाने वाले ई-टिकट होते हैं.
इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज़्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुताबिक, उन्होंने टिकट बुक करने में आसानी के लिए बी2बी, ई-गवर्नेन्स, बी2सी आदि योजनाओं के तहत कई एजेंसियों के साथ साझेदारी की है, जिनके एजेंटों के साथ IRCTC की कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है. IRCTC ने बताया, इसके अलावा बी2सी फर्मों को विशेष रूप से IRCTC के बिज़नेस के साथ जोड़ा गया है, ताकि ग्राहकों को सीधे बी2सी फर्मों की वेबसाइटों या IRCTC API के ज़रिये मोबाइल ऐप से रिज़र्व्ड टिकट दी जा सकें.
IRCTC के अनुसार, ट्रेनमैन IRCTC के 32 बी2सी भागीदारों में से एक है, जो कुल रिज़र्व्ड टिकटिंग में 0.13 फीसदी का योगदान देता है, और किसी भी अन्य एजेंसी द्वारा इसके अधिग्रहण से मौजूदा बी2सी नीति के लागू होने में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा. सभी एकीकरण और संचालन केवल IRCTC के ज़रिये किए जाते रहेंगे, जैसा इस वक्त हो रहा है.
उधर, रवि सुतनजानी ने ट्विटर पर एक थ्रेड में इसी के बारे में विस्तार से समझाया है. रवि के मुताबिक, प्रकाशित ख़बरें कतई गुमराह करने वाली हैं, और तकनीकी पहलुओं को समझे बगैर ही प्रकाशित कर दी गई हैं. रवि के अनुसार, हाल ही में अदाणी डिजिटल लैब्स ने ट्रेनमैन (ऑनलाइन ट्रेन बुकिंग एवं इन्फॉरमेशन प्लेटफॉर्म) का अधिग्रहण किया है, जिसे पहले से मौजूद ‘अदाणी वन’ (Adani One) ऐप में जोड़ दिया गया है.
रवि आगे बताते हैं, कोई भी ग्राहक जब भी किसी भी ऐप या वेबसाइट के ज़रिये ट्रेन टिकट बुक करता है, उसे अंततः IRCTC यूज़र आईडी और पासवर्ड का ही इस्तेमाल करना पड़ता है, और किसी भी सूरत में ये ऐप या वेबसाइट IRCTC के यूज़र आईडी और पासवर्ड के बिना टिकट बुक नहीं करते हैं. टिकट बुक होते ही ग्राहक को उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऐप या वेबसाइट पर भी सीधे IRCTC के पेज पर ले जाया जाता है. सो, ऐसा हरगिज़ नहीं हो सकता कि कोई भी प्लटफॉर्म, चाहे वह अदाणी ग्रुप हो, अमेज़ॉन हो या मेकमाईट्रिप हो, IRCTC के साथ प्रतिस्पर्द्धा करे.

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