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विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति ने गिरिडीह के पूर्व लोकसभा सांसद स्व० राजकिशोर महतो को दी श्रद्धांजलि।

ByAdmin Office

Dec 2, 2022

 

ओमप्रकाश राजा
फुसरो।
विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति के द्वारा फुसरो स्थित झब्बू सिंह मेमोरियल कॉलेज के समीप सूरज महतो के यूनियन कार्यालय में गिरिडीह लोकसभा के पूर्व सांसद स्व० राजकिशोर महतो की द्वितीय पुण्यतिथि उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर मनाया गया। समिति के अध्यक्ष सुरज महतो ने कहा कि राजकिशोर महतो के संघर्ष और जनता के प्रति उनके प्रेम को कभी भुलाया नही जा सकता। उन्होने कहा कि स्व० बिनोद बाबू के रहते उन्होंने राजनीति में कभी भी आने का नही सोचा और लगातार झारखंड आंदोलन को सहयोग कर आंदोलनकारियों के लिए सदैव तत्पर रहते थे। लगातार जो लोग झूठे मुकदमे और आंदोलन के कारण कानूनी रूप से फंसने पर उनकी मदद करते थे और उन केस मुकदमों से बाहर निकाला करते थे। झारखंड आंदोलन को बाहर से समर्थन कर कानूनी लड़ाई में आंदोलनकारियों का सहयोग करते रहे। राजकीशोर बाबू कानून के ज्ञाता थे वे उच्च न्यायालय में अधवक्ता थे। बिनोद बाबू के निधन के बाद उनके अधूरे सपने को पुरा करने के लिए राजकिशोर बाबू ने राजनीति में कदम रखा और 1992 में गिरिडीह से लोकसभा का चुनाव लडा और जीते भी। राजकिशोर बाबू ने कहा था कि हमे झारखंड राज्य के अलावा कुछ नहीं चाहिए। उन्होने सांसद बनने के बाद झारखंड आन्दोलन की लड़ाई राजनीतिक और कानूनी दोनो रूप से लड़ी। समिति के महासचिव व सांसद प्रतिनिधि कमलेश महतो ने कहा कि बिनोद बाबू ने जो नारा दिया था उसी को सार्थक करने के लिए राजकिशोर बाबू ने झारखंड आन्दोलन की अगुवाई करने का जिम्मा उठाया। जिसके तहत कानूनी लड़ाई के साथ साथ राजनीतिक और आंदोलन की भी लड़ाई लड़ना प्रारंभ किया। झारखंड राज्य आन्दोलन को जिंदा रखने के लिए उन्होंने अपने पिता द्वारा बनाई गई पार्टी झामुमो का भी त्याग कर दिया और उस समय की केंद्र की तत्कालीन एनडीए सरकार में अटल आडवाणी से वार्ता किया और झारखंड अलग राज्य के सहमति के साथ एनडीए में शामिल हुए। उसके बाद अलग राज्य बनने के बाद 2005 में भाजपा से सिंदरी विधानसभा से विधायक भी बने। उसके बाद 2014 में एनडीए गठबंधन से आजसू पार्टी के टिकट से टुंडी विधानसभा से विधायक बने। राजकीशोर बाबू का जीवन बेहत ही संघर्षपूर्ण रहा और अंततः 2 अक्टूबर 2020 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कर दिया। पुण्यतिथि में सभी लोगो ने स्व० राजकिशोर महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किए। मौके पर धनेश्वर महतो, नरेश महतो, महेश देशमुख, सुखदेव रविदास, राजेंद्र महतो, हरखलाल महतो, दीपक गिरी, आकाश रजक, मुकेश महतो, सूरज पासवान, विजय नायक, राजेंद्र महतो, रामप्रवेश रविदास, जलेश्वर महतो, विश्वनाथ महतो, द्वारिका महतो, अजय गिरि, मिथलेश सिंह, सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।


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