
हजारीबाग बार एसोसिएशन द्वारा गुरुवार को कचहरी स्थित यसवंत सिन्हा विधि भवन सभागार में हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल का स्वागत एवं आभार समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हजारीबाग बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सह स्टेट बार काउंसिल के सदस्य राजकुमार राजू के अध्यक्षता में हुई। जिसमें विधायक मनीष जायसवाल अपने विधायक निधि की राशि 2021-22 के अंतर्गत हजारीबाग बार एसोसिएशन भवन के ऊपरी तल्ला यानी तीन मंजिला में शेड निर्माण कार्य हेतु प्राक्कलन अनुसार 27 लाख़ 46 हज़ार 8 सौ रुपए की राशि का अनुशंसा पत्र अधिवक्ता संघ, हजारीबाग को भेंट किया और भविष्य में इस भवन को सोलर पैनल से जोड़ने हेतु राशि उपलब्ध कराने का भरोसा जताया।

ज्ञात हो कि पूर्व में ही विधायक मनीष जायसवाल ने सोलर पैनल के लिए राशि उपलब्ध कराया था लेकिन अधिवक्ताओं ने समय पर ध्यान नहीं दिया और राशि लैप्स कर गया था। अधिवक्ता संघ, हजारीबाग को विधायक मनीष जायसवाल ने सौगात देने के उपरांत बड़ी संख्या में उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं बतौर एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि आपके हरेक अवसर पर साथ रहा हूं और वचनबद्ध हूं कि हर कदम आपके साथ रहूंगा।

हजारीबाग बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार राजू की मांगों पर उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही सुबह के मुख्यमंत्री से मिलकर और आगामी बजट सत्र में आपकी समस्याओं को पुरजोर तरीके से सदन पटल पर रखूंगा। इससे पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार राजू ने विधायक मनीष जायसवाल का अधिवक्ताओं के प्रति संवेदना और हमारे हरेक संघर्ष में जो साथ मिला वह हम अधिवक्ता कभी भूल नहीं सकते। उन्होंने कहा कि विधायक मनीष जायसवाल हमारे सहयोग को हमेशा से एक कदम आगे रहे हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं के प्रति इस प्रेम के लिए विधायक मनीष जायसवाल को धन्यवाद दिया और अधिवक्ता संघ की ओर से आभार जताया।
महासचिव सुमन कुमार सिंह ने बार एसोसिएशन हजारीबाग में मनीष जायसवाल के योगदान को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि आपका एहसान हम अधिवक्ता हमेशा याद रखेंगे। अध्यक्ष राजकुमार राजू और महासचिव सुमन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से विधायक मनीष जायसवाल को अधिवक्ता की समस्याओं को अवगत कराते हुए कहा है कि सीआरपीसी की धारा 24 के अंतर्गत प्रत्येक उच्च न्यायालय के लिए, केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार उस उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात यथास्थिति केन्द्रीय या राज्य सरकार की ओर से उस उच्च न्यायालय में किसी अभियोजन, अपील या अन्य कार्यवाही के संचालन के लिए एक लोक अभियोजक नियुक्त करेगी और एक या अधिक अपर लोक अभियोजक नियुक्त कर सकती है।
जिसमें निचली अदालत के अधिवक्ता शामिल हो सकते हैं किंतु एपीपी की बहाली में अब नियुक्ति प्रक्रिया जटिल कर दी गई हैऔर अब एपीपी वही बन सकते हैं, जो एपीपी की एग्जाम क्वालिफाई करेंगे। उन्होंने इस जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सरकार से मांग करने का आग्रह किया दूसरी बात उन्होंने कहा कि आए दिन अधिवक्ताओं के साथ हत्याएं जैसी घटनाएं घटती रहती है उनकी हितों की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता झारखंड में प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो ।
विधायक मनीष जायसवाल के कचहरी पहुंचने पर सर्वप्रथम बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार राजू ने शॉल ओढ़ाकर और महासचिव सुमन कुमार सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत व सम्मान किया। तत्पश्चात एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों और वरीय अधिवक्ताओं ने बारी-बारी से विधायक मनीष जायसवाल का फूल माला पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया। मंच संचालन अधिवक्ता पूजा कश्यप ने और धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष संजय कुमार ने किया।
मौके पर विशेष रूप से अधिवक्ता संघ, हजारीबाग के अध्यक्ष सह स्टेट बार काउंसिल के सदस्य राज कुमार राजू, महासचिव सुमन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष भैया संजय कुमार, कोषाध्यक्ष भरत कुमार, प्रकाशन सचिव कुलेश्वर कुमार कुशवाहा, प्रशासनिक सचिव प्रमोद सिंह,
कार्यकारिणी सदस्य युवा अधिवक्ता इंद्र कुमार पंडित, कुणाल कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, सुरेश वर्मा, उत्तम कुमार सिंह, अनुराधा कुमारी, अधिवक्ता विजय कुमार सिंह, सुनील कुमार पांडेय, संसार जायसवाल, प्रदीप कुमार सिन्हा, मनोज कुमार सिंह, गौरी शंकर, उत्तम सिंह, मनोज राणा, प्रवीण सिंह, अजय कुमार मेहता सहित अन्य सैकड़ों अधिवक्ता गण मौजूद रहें ।
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