
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत हजारीबाग जिले के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों बरकट्ठा, बड़कागांव, चौपारण, इचाक, कटकमसांडी, केरेडारी, विष्णुगढ़ एवं सदर हजारीबाग में 16 से 30 सितंबर तक फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत चिन्हित प्रखंडों के कुल 11 पीएचसी, 135 एचएससी के माध्यम से 1574 चयनित गावों में 1828 बूथों में कुल 1731473 आबादी के लक्षित 88% अर्थात 1523713 लोगों को फाइलेरिया की दवा मुफ्त खिलाई जाएगी।
अभियान के दौरान शत प्रतिशत लोगों तक दवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए DEC- 100Mg टैबलेट की 4279563 गोली, अल्बेंएंडाबजोल- 400mg की 1731473 गोली की आपूर्ति के लिए 5172 डिस्ट्रीब्यूटर बनाए गए हैं। अभियान की निगरानी के लिए 473 सुपरवाइजर व 63 मेडिकल सुपरवाइजर प्रतिनियुक्त किए गए हैं।

भारत सरकार के राष्ट्रीय फाइलेरिया विलोपन कार्यक्रम के तहत हजारीबाग सहित झारखंड के कुल 18 जिलों में एमडीए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत निर्धारित तिथि को वर्ष में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा डीईसी टेबलेट एवं कृमि नाशक एल्बेंडाजोल टेबलेट की खुराक को निर्धारित मात्रा को सार्वजनिक सेवन कराया जाता है। इसके तहत 2 से 5 वर्ष के बच्चों को डीईसी व अल्बेंडबजोल की एक-एक गोली, 6-14 उम्र के व्यक्ति को डीईसी टेबलेट की 2 व अल्बेंडबजोल की एक गोली, जबकि 15 से अधिक उम्र के व्यक्ति को डीईसी की 3 व अल्बेंडबजोल की एक गोली दी जाएगी। गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों, दो वर्ष से कम बच्चों, गर्भवती महिलाओं को इन दोनों दवाओं का सेवन नहीं करना करना है।
साथ ही किसी भी हालत में खाली पेट में दवाओं का सेवन नहीं कराया जाएगा। सामान्य जानकारी:-
फाइलेरिया एक वेक्टर जनित बीमारी है जो संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है।
क्यूलेक्स मच्छर जमे हुए गंदे पानी में पैदा होते हैं।
हाथी पाव एवं हाइड्रोसील इसके प्रमुख लक्षण है।
इस बीमारी की गति काफी धीमी होती है जिसके कारण लोग इसके प्रति लापरवाह रहते हैं। संक्रमण होने के 6 से 7 वर्षों के बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं। हाथी पाव का अंतिम चरण काफी भयंकर होता है जो व्यक्ति को अपंग बना देता है एवं इसका कोई इलाज भी नहीं है।
लाइफोडीमा रोगियों के लिए मोरबिडिटी मैनेजमेंट की व्यवस्था है जिसके अंतर्गत रोगियों को अपने पैर को साफ रखने एवं आवश्यक व्यायाम के तरीके बताए जाते हैं।
हाइड्रोसिल रोगियों का ऑपरेशन इस रोग को ठीक किया जाता है। हजारीबाग जिले में कुल 745 लिंफोडर्मा रोगी में से 647 लोगों का मॉर्बिलिटी मैनेजमेंट की जा चुकी है शेष को चिन्हित कर प्रक्रिया की जा रही है। हाइड्रोसिल के चिन्हित 76 रोगी में से 27 का ऑपरेशन किया जा चुका है।

बरही, बरकट्ठा, बड़कागांव, चौपारण, इचाक, कटकमसांडी, केरेडारी, बिशनूगढ़, सदर हजारीबाग सहित 9 स्वास्थ्य केंद्र में 16 से 30 सितंबर तक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत् स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वयंसेवकों के माध्यम से घर घर जाकर दावा सेवन करने हेतु अभियान चलाया जाएगा।
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