
*शिक्षा विभाग ने सात दिसंबर को जारी अपने उस आदेश को वापस ले लिया है जिसमें कहा गया था कि शिक्षकों को छुट्टी पर जाने से पहले व्हाट्सएप पर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करना पड़ेगा। अब शिक्षकों को छुट्टियों के लिए प्रधानाध्यापक को ही सूचित करना होगा*

रांची, राज्य ब्यूरो: शिक्षा विभाग ने सात दिसंबर को जारी अपने उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें कहा गया था कि सरकारी स्कूल के शिक्षक छुट्टी पर जाने से पहले व्हाट्सएप पर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक सूचित करेंगे ताकि विद्यालय की अतिरिक्त मानिटरिंग किया जा सके।

विभाग ने जारी किया संशोधित आदेश
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने शुक्रवार को इसे लेकर संशोधित आदेश जारी किया। इसके तहत अब शिक्षक अवकाश की स्वीकृति अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक से ही लेंगे। साथ ही वैसे स्कूल जहां एक ही शिक्षक कार्यरत हैं, वहां के शिक्षक अवकाश की स्वीकृति संबंधित ब्लॉक के ब्लॉक शिक्षा प्रसार अधिकारी से लेंगे। इसके अलावा प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक भी अवकाश की स्वीकृति प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से लेंगे।
*सात सितम्बर को जारी हुआ था पहला आदेश*
दरअसल, विभाग ने सात दिसंबर को एक आदेश जारी किया था। आदेश में कहा गया था कि किसी भी स्कूल में शिक्षक अवकाश पर जाने की सूचना पहले वाट्सएप पर देते हुए संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी/जिला शिक्षा अधीक्षक से स्वीकृति अनिवार्य रूप से लेंगे। इससे विद्यालय में आवश्यक अतिरिक्त अनुश्रवण सुनिश्चित किया जा सकेगा और विद्यालय में शिक्षण कार्य व मध्याह्न भोजन संबंधी कार्य सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
*शिक्षकों के विरोध के बाद आदेश वापस*
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों या जिला शिक्षा अधीक्षकों से अवकाश की स्वीकृति की अनिवार्यता का विरोध किया था। शिक्षक पहले की तरह अवकाश की स्वीकृति प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक से लेने के संशोधित आदेश जारी करने की मांग कर रहे थे।
*गुणवत्ता में सुधार के लिए जारी किया था आदेश*
बता दें कि विभाग के सचिव के. रवि कुमार ने सात दिसंबर के अपने आदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अन्य कई टास्क भी सौंपे हैं। उन्होंने शिक्षकों को स्कूल की संपूर्ण कार्यावधि में उपस्थित रहते हुए समयतालिका और पाठ्य योजना के अनुसार बच्चों को पढ़ाने को कहा है।
इसके अलावा शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को लेकर भी कई दिशा-निर्देश तय किए हैं। इसके तहत प्राचार्य/ प्रधानाध्यापक या प्रभारी शिक्षक सहित सभी शिक्षक स्कूल कार्य अवधि में अपनी सेवा संबंधी व्यक्तिगत कार्य या विद्यालय से संबंधित रिपोर्ट या कोई अन्य कागजात आदि प्राप्त करने या जमा करने प्रखंड या जिला कार्यालय नहीं जाएंगे। हालांकि शिक्षक सिर्फ मासिक गुरु गोष्ठी में इस तरह की रिपोर्ट के साथ जा सकते है
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
