

पूर्णिया, बिहार – कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के आठवें दिन बिहार के पूर्णिया शहर में महत्वपूर्ण पड़ाव लिया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और वंचित समुदायों के अधिकारों को सुनिश्चित करना है। पूर्णिया में इस यात्रा को जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव का भी समर्थन मिला, जो स्वयं कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं।

यात्रा के दौरान, राहुल गांधी ने विशेष रूप से उन आदिवासी समुदायों से मुलाकात की, जिनके नाम मतदाता सूची से कथित तौर पर हटा दिए गए हैं। पप्पू यादव ने राहुल गांधी को इन गांवों में लेकर गए, जहां स्थानीय लोगों ने अपनी व्यथा सुनाई। गांव वालों ने बताया कि उनका नाम बिना किसी पूर्व सूचना के मतदाता सूची से हटा दिया गया, जिससे वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित हो गए हैं।
राहुल गांधी ने इन मामलों को गंभीरता से लिया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी नागरिकों, विशेषकर हाशिए पर पड़े समुदायों के मताधिकार की रक्षा करना चुनाव आयोग और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे को न केवल राज्य में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाएगी।
इस यात्रा को बिहार में कांग्रेस के पुनरुत्थान के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पप्पू यादव जैसे नेताओं का साथ आना कांग्रेस की चुनावी रणनीति को मजबूत कर सकता है, खासकर सीमांचल जैसे क्षेत्रों में, जहां मुस्लिम और आदिवासी समुदाय की आबादी अधिक है। राहुल गांधी की यह यात्रा आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच कांग्रेस की पकड़ को मजबूत करने की कोशिश है, जिसमें वे सीधे लोगों से जुड़कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं और उनका समाधान करने का वादा कर रहे हैं। इस यात्रा ने एक बार फिर चुनावी राजनीति में हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।
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