
अभिमन्यु कुमार
झरिया के कतरास मोड़ में स्व सूर्यदेव सिंह 83 वी जयंती मनाया

झरिया: कोयला मजदूर मसीहा की बात करे तो हर एक के मुंह में एक ही नाम आता है सूर्यदेव सिंह का। गरीब मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा लड़ने वाले आज भी लाखों लोगों के दिलों में अपनी एक अलग छवि है। एक किसान परिवार में जन्में सूर्यदेव सिंह मजदूरों के दिलों पर राज करने लगे। पिछले 83 वर्षों से उनकी जयंती मजदूरों के लिए किसी न किसी विशेष दिवस के रूप से कम नही, 27 दिसंबर मंगलवार को स्व सूर्यदेव सिंह की 83वीं जयंती झरिया के कतरास मोड़ स्थित सुर्यदेव सिंह चौक पर सैकड़ों लोगों की उपस्थिति के बीच मनाई गई। सुबह से ही कतरास मोड़ चौक पर स्वर्गीय सुर्यदेव सिंह के समर्थक कतरास मोड़ चौक पर जमा थे, सिंह मेंसन परिवार की बहू सह भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रागनी सिंह ने सुर्यदेव सिंह के आदमकद प्रतिमा पर फूल माला और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। बता दे कि उत्तर प्रदेश के बलिया गोनिया छपरा का एक सामान्य दिखने वाला युवक कोयलांचल की धरती पर मजदूरों का एकमात्र मसीहा कहलाएगा यह किसी ने कल्पना तक नही किया था। लेकिन कड़ी मेहनत, संघर्ष, लग्न और सूझबूझ के बदौलत स्वर्गीय सुर्यदेव सिंह आज तक मजदूरों के दिलों में राज करते आ रहे है। शैक्षणिक योग्यता अधिक नहीं होने के बावजूद कोलियरी में वर्षों तक काम कर किसी तरह कोयलांचल की धरती मे अपने पांव जमाया। जिसके बाद मजदूर नेता बीपी सिन्हा के यहां रहे। वर्ष 1964 से 1974 तक विभिन्न मजदूर संगठनों में रहे। जयप्रकाश आंदोलन में सूर्यदेव ने भागीदारी निभाई। वर्ष 1977 में उस वक्त के बड़े श्रमिक नेता एसके राय को जनता पार्टी के टिकट पर झरिया विधानसभा से चुनाव हराकर विधायक बने।

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