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मुखिया पति अपहरण और पिटाई मामले में निरसा पुलिस ने वीडियो वायरल करने वाले सख्स को हिरासत में लिया,पूछताछ जारी

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ByAdmin Office

Oct 12, 2022

 

निरसा। गोपालपुरा पंचायत के मुखिया शिखा देवी के पति को मासस के कार्यकर्ता रामजी यादव , रौशन मिश्रा , कैलास महतो एवं अन्य ने सपन नाग का अपहरण कर जमकर पिटाई की गयी थी जिसका वीडियो वायरल हुआ था । वायरल वीडियो से राजनीतिक गलियारे में भूचाल सा आ गया । दोषी को सजा दिलाने के लिये सभी पार्टियां करवाई के लिये मुखर हो गई ।

सूत्र के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से नामजद प्राथमिकियां दर्ज कराई गई । इधर पुलिस करवाई होते न देख कर लोंगों में आक्रोश भी बढ़ रहा है । इस मामले में सभी मुखिया भी गोलबंद हो गए।मासस के पूर्व विधायक अरुप चटर्जी ने भी इस बात पर अपनी प्रतिक्रिया दी कि अगर कोई दोषी है तो उसे स्वयं पीटने का अधिकार किसी को नही है बल्कि इसके लिए पुलिस प्रशासन है जहां शिकायत की जानी चाहिए।जहां से विधि सम्मत कार्यवाई होती ,वहीं विधायक अपर्णा ने भी इस मामले को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।परन्तु अब तक निरसा पुलिस की शितिलता पर सवाल उठने लगे हैं।

वैसे पुलिस अपने स्तर पर जो कार्रवाई की है आरोपी को तो गिरफ्तार नही किया है, हां हिरासत में लिया उस शख्स को जिसने इस पूरी मारपीट की घटना का वीडियो वायरल किया है।

अब पुलिस उस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि पुलिस को सच्चाई का पता चले। कियोंकि पुलिस को उस वीडियो की सच्चाई और सपन नाग के चोट पर भरोसा नही है।

इस सम्बंध में निरसा थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर दिलीप कुमार यादव ने एक ब्यक्ति को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुये बताया है कि गोपालपुरा पंचायत के मुखिया शिखा नाग के पति सपन नाग का कथित अपहरण कर मारपीट किये जाने का वीडियो बनाकर वायरल करने वाले रामानन्द राजभर जो ईसीएल कर्मी है को गोपनीय सूचना व मोबाइल लोकेशन के आधार पर कुमारधुबी से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ।

ताकि सच्चाई सामने आ सके । उन्होंने कहा कि पुलिस अपने स्तर से करवाई कर रही है सच्चाई सामने आने पर दोषियों पर करवाई होगी।

विदित हो सपन नाग पर कथित तौर पर यह आरोप है कि लोगों से रुपये लेकर रेलवे में नॉकरी लगाने का झूठा आश्वासन दिया था ।बताया जाता है कि इसकी शिकायत पूर्व में भी थाना में की गयी थी।इस संदर्भ में पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नही किया है कि क्या और कब शिकायत की गई।और सपन नाग के विरुद्ध किया एविडेन्स पुलिस को प्राप्त हुआ। बरीय अधिकारी को इसकी जानकारी लेनी चाहिए।लेकिन इस प्रकरण में पुलिस कार्यशैली अभी भी सवालों के घेरे में है।


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