
पटना: उत्तर बिहार के अधिकांश जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को एक बार फिर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे कर रहे हैं. एक सप्ताह के अंदर मुख्यमंत्री तीसरी बार हेलीकॉप्टर से बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा ले रहे हैं.
सीएम नीतीश ले रहे बाढ़ का जायजा: साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य किस प्रकार से चल रहा है, वह भी देखने गए हैं. नेपाल में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से कोसी और गंडक सहित उत्तर बिहार की अधिकांश नदियों में उफान हैं. एक दर्जन से अधिक स्थानों पर तटबंध टूटा है. कोसी वीरपुर बराज और गंडक बाराज में इस बार 56 साल के बाद रिकॉर्ड पानी डिस्चार्ज हुआ है और उसके कारण ही उत्तर बिहार के बड़े इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है.

राहत कार्य का लेंगे जायजा: बड़ी संख्या में लोग नेशनल हाईवे पर शरण लिए हुए हैं. फसल और संपत्ति की भी काफी नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री ने पहले ही अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का निर्देश दिया है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि बाढ़ प्रभावितों की मदद में कोई कमी नहीं रखी जाए. मुख्यमंत्री लगातार कहते रहे हैं कि सरकार के खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है.

एरियल सर्वे के बाद बैठक:
शुक्रवार को मुख्यमंत्री एक बार फिर से एरियल सर्वे और बैठक कर कर रहे है, सीएम पूरी स्थिति की रिपोर्ट लेंगे और आगे दिशा निर्देश देंगे. मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी गए हैं.
राहत कार्य का सीएम लेंगे जायजा
उफान पर कोसी: बता दें कि नेपाल में बारिश के कारण कोसी नदी डराने लगी है. लगातार जलस्तर बढ़ रहा है. रविवार को सुपौल के वीरपुर कोसी बराज से 6 लाख 61 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. इससे कोसी में उफान आ गया. बढ़ते जलस्तर में कोसी ने पिछले 56 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले साल 1968 में इससे ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. कोसी में पानी बढ़ने से आसपास के जिलों में बाढ़ आ गयी है. जल संसाधन विभाग लोगों को सर्तक कर रहा है.
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