
जयपुर.मध्यप्रदेश में भाजपा उम्मीदवारों की दो सूची जारी हो चुकी है, जिसमें तीन केंद्रीय मंत्रियों और चार सांसदों को उम्मीदवार बनाया गया है. ऐसे में अब इस बात की चर्चा तेज है कि पार्टी टिकट वितरण और आगामी सियासी समीकरणों को भांपते हुए राजस्थान में भी एमपी फॉर्मूले को आजमा सकती है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि पार्टी अपने करीब आधा दर्जन सांसदों को चुनावी मैदान में उतार सकती है, जिसमें राजस्थान के कोटे से बने केंद्रीय मंत्रियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं.वहीं, सांसदों को उन सीटों से चुनाव लड़ाया जा सकता है, जहां पार्टी की स्थिति बहुत खराब है या फिर कभी भी उन सीटों पर पार्टी को जीत नसीब नहीं हुई है. टिकटों को लेकर शनिवार यानी आज और कल दो दिन दिल्ली में महामंथन होगा, जिसमें प्रदेश के नेताओं के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे.
नेताओं की बढ़ी बेचैनी -पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की भूमिका को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है. इसी बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जयपुर दौरे ने पार्टी नेताओं की बेचैनी एकदम से बढ़ा दी है. दोनों नेताओं ने स्थानीय नेताओं के साथ दो दिन तक मैराथन बैठक के जरिए लंबी चर्चा की. अब आगे दो दिन यानी आज और कल दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक है. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी शामिल होंगे.
अटकलों का बाजार गर्म -पार्टी सूत्रों मानें तो इस बैठक के बाद कभी भी पहली सूची जारी हो सकती है. पार्टी की तरफ से मध्यप्रदेश में तीन केंद्रीय मंत्रियों और चार सांसदों को विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब राजस्थान में भी इस फार्मूले को अपनाने की अटकलें तेज है. भाजपा भलीभांति जानती है कि राजस्थान में सत्ता मिलने के बाद लोकसभा का समर ज्यादा मुश्किल नहीं होगा, लेकिन पहले विधानसभा के सेमीफाइनल को फतह करना उसके लिए जरूरी है. पार्टी के अभी राजस्थान में 24 लोकसभा सांसद और चार राज्यसभा सांसद हैं.
आधा दर्जन सांसदों के नाम -विधानसभा चुनाव से पहले इन दिनों राजस्थान से भाजपा के कई सांसदों के दिलों की धड़कनें बढ़ी हुई है. इसकी वजह है पार्टी का वो नया फॉर्मूला जिसका प्रयोग भाजपा मध्यप्रदेश में करने के बाद इसे राजस्थान में भी अपनाने के मोड में दिख रही है. पार्टी सूत्रों की मानें तो मध्यप्रदेश की तर्ज पर पार्टी राजस्थान में भी करीब आधा दर्जन लोकसभा व राज्यसभा सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ा सकती है.
दिल्ली से होगा फैसला – सांसदों को उन सीटों से चुनाव लड़ाया जा सकता है, जहां पर भाजपा बेहद कमजोर स्थिति में है और वहां सांसदों की पकड़ मजबूत है. हालांकि, इसमें कुछ सांसद तो ऐसे भी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने स्वयं ही चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है तो कुछ सांसद ऐसे भी है जो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं. सांसदों के चुनाव लड़ाने को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जो भी फैसला होगा, वो दिल्ली से ही होगा.

भाजपा के ये सांसद जिन पर पार्टी खेल सकती है दांव

अलवर से लोकसभा सांसद महंत बाबा बालकनाथ को बहरोड से चुनाव लड़ाने की चर्चा है.
बाड़मेर-जैसलमेर से लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को बाड़मेर या फिर पचपदरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा है. हालांकि, 2018 में कैलाश चौधरी बायतू से विधायक का चुनाव हार गए थे.
राजसमंद से भाजपा की सांसद दीया कुमारी को जयपुर शहर की हवामहल सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा है. दीया जयपुर राजघराने की पूर्व राजकुमारी भी हैं. पहले सवाई माधोपुर से भाजपा की विधायक भी रह चुकी हैं.
बीकानेर सांसद व केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पार्टी खाजूवाला विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है.
टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को देवली-उनियारा और कोटपूतली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा है.
श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सांसद निहाल चंद मेघवाल को रायसिंहनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा है. वहीं, निहाल चंद रायसिंहनगर से पहले भी विधायक रह चुके हैं.
झुंझुनू से लोकसभा सांसद नरेंद्र कुमार खींचड़ को मंडावा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा है. नरेंद्र पहले भी मंडावा से विधायक रह चुके हैं.
राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को सपोटरा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है. पूर्वी राजस्थान में किरोड़ी लाल मीणा का मीणा समाज में बड़ा प्रभाव है.
चूरू लोकसभा से सांसद राहुल कस्वां को चूरू जिले की राजगढ़ सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा है. इस क्षेत्र में कस्वां परिवार का बड़ा प्रभाव है.
जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा को भी सांगानेर विधानसभा सीट से पार्टी चुनावी मैदान में उतार सकती है.
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