
लखनऊ: पुलिस की दबिश में पकड़े गए दलित युवक की थाने में मौत के मामले में सियासत गर्माती जा रही है. राजनीतिक दलों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी. बसपा प्रमुख मायावती ने भी शनिवार शाम बसपा प्रमुख ने एक्स’ पर एक पोस्ट किया था. वहीं रविवार दोपहर नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद, मोहनलालगंज सीट से सपा सांसद आरके चौधरी और सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया भी पीड़ित के घऱ विकास नगर पहुंचे. इन सबके बीच विकासनगर थाने में तैनात सिपाही शैलेंद्र समेत चार पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या और एससीएसटी-एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
शुक्रवार रात विकास नगर सेक्टर-8 में जुआ होने की सूचना पर पीआरवी नंबर 4830 पहुंची थी. पार्क के पास मौजूद 24 साल के अमन गौतम और उनके दोस्त सोनू को उठा ले आई थी. कुछ देर बाद अमन की मौत हो गई थी. परिजनों ने पुलिस पर पीटकर मारने का आरोप लगाया था. तहरीर भी दी गई थी. शनिवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इधर, परिजन और सैकड़ों इलाकाई लोग शनिवार दोपहर चार बजे खुर्रमनगर चौराहे पर जुटे. सड़क जाम कर दी और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान एक करोड़ रुपये मुआवजे और मृतक आश्रित के लिए सरकारी नौकरी और आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. वहीं, अमन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत होने की पुष्टि हुई है.

इससे पहले रविवार को दलित युवक की मौत के मामले में बसपा का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के घर पहुंचा. दोपहर में नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद, मोहनलालगंज सीट से सपा सांसद आरके चौधरी और सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया भी विकास नगर पहुंचे. यहां पीड़ित परिवार से मुलाकात की.

मायावती ने ट्वीट कर सरकार पर लगाया था आरोप
शनिवार शाम बसपा प्रमुख ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, ‘उप्र की राजधानी लखनऊ के मोहल्ला गंजरहापुरवा स्थित डा. भीमराव अम्बेडकर पार्क में घूमने गए एक दलित युवक के साथ कल शाम (शुक्रवार) पुलिस की बर्बरता से हुई मौत की घटना अति दुःखद है. मायावती ने इसी पोस्ट में कहा कि इस घटना से लोगों में रोष व्याप्त है. सरकार और (सरकार) दोषी पुलिस वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे तथा पीड़ित परिवार की पूरी मदद भी करे.’
चंद्रशेखर बोले- बटेंगे तो कटेंगे वाले यहां नहीं पहुंचे
सांसद चंद्रशेखर आजाद भी रविवार को पहुंचे. उन्होंने अमन गौतम के परिजनों से मुलाकात की साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर भी कानून व्यवस्था को लेकर जोरदार हमला बोला. उन्होंने यहां तक कहा कि बटेंगे तो कटेंगे कहने वाले यहां नहीं आए. कहा कि हम पीड़ित परिवार के साथ हर तरह से खड़े हुए हैं. इस मामले में जितने भी दलित संगठन है उन्हें आगे आना चाहिए. जिस तरह विवेक तिवारी हत्याकांड में मुआवजा और नौकरी दी गई उसी तरह अमन के परिवार को भी उत्तर प्रदेश सरकार नौकरी दे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा दें और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त एक्शन भी लें.
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