उमेश कुमार गिरि : कलश स्थापना से पूर्व महालया व अश्विन मास का अंतिम दिन, अश्विज अमावस्या के दिन, मां दुर्गा का आव्हान किया जाता है अर्थात मां को अपने घर बुलाने के लिए गुहार लगाई जाती है, मान्यता के अनुसार आज देवी का आगमन कैलाश पर्वत से पूर्ण शक्तियों के साथ होता है, ऐसा माना जाता है की अश्विन अमावस्या के सुबह पितृ को नमन कर आशीर्वाद लेते है और संध्या बेला में मैया धरती पर पूरे 9दिनों के लिए आपने बच्चों को आशीर्वचन देने आती है … इसी महालया के शुभ अवसर पर, धनबाद जिले के गोसाईडीह बैंक कॉलोनी मे मां दुर्गा प्रथम रूप मां शैलपुत्री के आवाहन के साथ किया गया महिषासुर मर्दिनी के स्त्रोत के साथ गुजमान हुआ धनबाद जिला पश्चिम बंगाल से नजदीक होने के वजह से यहां बंगला संस्कृति व परंपराओं से भी दुर्गौत्सव मनाया जाता है, यही कारण है कि यहां महालया में भी धूम मची होती है… हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पूजा उत्सव त्यौहार धूमधाम से मनाया जाएगा दुर्गा पूजा उत्सव सांस्कृतिक धार्मिक पारंपरिक आध्यात्मिक भव्य रुप से मनाने के लिए विधि व्यवस्था की गई कमेटी के गार्जियन: श्री डी एन सिंह जी अध्यक्ष : शैलेश राय जी सचिव: एक के विश्वास जी कमेटी के कोषाध्यक्ष: के. डी. सिन्हा सहयोगी: वरिष्ठ पत्रकार अशोक गिरि, विक्रांत उपाध्याय जी, राजकुमार गिरि कमेटी के सदस्य: एनपी सिंह , एल पी वर्मा प्रदीप महतो, दिलीप सिंह, भोला लाल, गणेश गिरि , विकास गिरि, रामा सिंह, विनोद गुप्ता, उमाशंकर गिरि मोहन भैया , त्रिपुरारी सिंह आदि There is no ads to display, Please add someAdmin OfficeLike this:Like Loading... Related Post Disclaimerस्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com Post navigation शैलपुत्री की पूजा के साथ दुर्गा पूजा की शुरुआत अग्रोहा नरेश अग्रसेन जी महाराज की 5146 वीं जयंती मानयी गयी