
पटनाः राजधानी पटना इस्कॉन मंदिर में रविवार की रात जमकर लाठी डंडे चले. इस दौरान दो गुटों में जमकर मारपीट हुई. इस घटना में कई पुजारी जख्मी हो गए हैं. इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला को शांत कराने के बाद कुछ पुजारियों को पकड़ कर पुलिस स्टेशन ले गयी है. मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है.
मीटिंग के बहाने बुलाकर मारपीटः दरअसल, जानकारी मिल रही है कि मंदिर के प्रशासक के द्वारा बाल योगियों के साथ मारपीट की गयी है. मंदिर के पुजारियों ने एक वीडियो को लेकर शिकायत की थी. इसी मामले में विवाद बढ़ गया और पुजारियों को मीटिंग के बहाने बुलाकर मारपीट की है. मंदिर परिसर में रविवार की रात से तनाव बढ़ गया है. हालांकि पुलिस की ओर से अभी कारण का खुलासा नहीं किया गया है.

“कोतवाली थाना क्षेत्र में इस्कॉन मंदिर है. वहां कुछ बाल योगी और मंदिर प्रशासन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया है. मारपीट में कुछ लोग घायल हो गए हैं. इन लोगों के द्वारा कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. उसकी जांच की जा रही है. इसमें जो भी खुलासा होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.” -कृष्ण मुरारी प्रसाद, एसडीपीओ, लॉ एंड ऑर्डर

कई पुजारी जख्मीः रविवार की रात पूरा मंदिर परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच रही. हैरानी की बात है कि बाल पुजारियों को निजी सुरक्षा गार्ड और बाउंसरों ने भी जमकर बीच सड़क पर दौड़ा दौड़ाकर पीटा है. एक दर्जन से अधिक पुजारियों को काफी चोट आई है. किसी का कान लहूलुहान हो गया तो किसी के शरीर पर लाठी के मार के निशान उभर आए. बीच बचाव करने आई कोतवाली थाने की पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा.
दोनों पक्षों से पुलिस ने की पूछताछ: थाना पहुंचे भागलपुर इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष गिरधारी दास और पटना इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष कृष्ण कृपा दास से पूछताछ की गयी. दोनों पक्षों ने इस पूछताछ में एक दूसरे पर आरोप लगाया. गिरिधारी दास का कहना है कि उन्होंने पटना इस्कॉन मंदिर में हो रही गड़बड़ी, रुपए के गबन और ब्रह्मचारियों के साथ हो रही मारपीट के खिलाफ आवाज उठाई थी. इसकी शिकायत इस्कॉन मंदिर के हाइयर ऑथरीटी से की थी. काफी टाइम से मंदिर में गलत चीजें हो रही थी. उन्होंने बताया कि मामले को सुलह के लिए बुलाया गया था. इसी दौरान बाउंसरों के द्वारा पीटा गया.
कृष्ण कृपा दास का आरोपः इधर, कृष्ण कृपा दास ने बताया कि मंदिर ऑथीरिटी में गिरिधारी दास अपनी भागीदारी चाहते हैं. भागलपुर ट्रांसफर होने के बाद भी यहां रह रहे थे. पूर्व में भी विवाद में रहे हैं. इसी को लेकर झड़प हुई है. बता दें कि पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था. मामला कोतवाली थाना पहुंचा था. लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने छानबीन कर कार्रवाई की बात की है.
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