
*धनबाद :* बाॅलीवुड के मेगास्टार, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का आज जन्मदिन है। जीवन के 80 वर्ष पूरे कर चुके अमिताभ के जन्मदिन को उनके परिवार वाले, चाहने वाले और बाॅलीवुड के कलाकार आज धूमधाम से मना रहे हैं।हालांकि उनके जन्मदिन की उतनी ही खुशी धनबाद की कोयला खदानों में पसीना बहाते हर एक मजदूर को भी है।
बिग बी अमिताभ बच्चन का झरिया से पुराना नाता रहा है। दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद 60 के दशक में नौकरी के लिए अमिताभ झरिया की कोलियरी में आए थे।

काफी समय तक झरिया में रहे, लेकिन यहां उन्हें मन नहीं लगा। फिर यहां से फिल्मों में अभिनय करने के इरादे से मुंबई चले गए। काफी मशक्कत के बाद 1969 में सात हिन्दुस्तानी फिल्म में इन्हें अभिनय करने का मौका मिला। झरिया से जुड़ी अपनी यादों को दशकों तक अमिताभ ने दिल में दबाए रखा। बीते वर्षों में एक इंटरव्यू में उन्होंने इसका खुलासा किया।

वहीं कुछ वर्ष पूर्व अपने कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ ने दूसरी बार इस बात को सार्वजनिक किया। अमिताभ ने बताया कि 60 के दशक में पढ़ाई पूरी करने के बाद काम की तलाश में मुंबई से कोलकाता पहुंचे थे। यहां बर्ड कंपनी में काम मिला। कंपनी की झरिया में कोयला खदान थी। इस कारण कंपनी ने काम के लिए झरिया भेज दिया था। काफी समय तक झरिया में रहे, लेकिन यहां मन नहीं लगने पर मुंबई आ कर फिल्मों में रम गए।
फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।झरिया के चासनाला कोलियरी खान दुर्घटना पर बनी फिल्म काला पत्थर
वर्ष 1975 में झरिया के चासनाला कोलियरी में भीषण खान दुर्घटना हुई थी। खदान के अंदर पानी भर जाने से 375 श्रमिक शहीद हो गए थे। वर्ष 1979 में यशराज फिल्म्स की ओर से चासनाला खान दुर्घटना पर काला पत्थर फिल्म बनाई गई। इस फिल्म में अमिताभ ने मुख्य किरदार को बखूबी निभाया। कोलियरी क्षेत्र में लंबे समय तक काम का सारा अनुभव बिग बी ने इस फिल्म में निचोड़ कर रख दिया। जीवंत भूमिका निभाकर अमिताभ ने अपने किरदार को कालजयी बना दिया। फिल्म में अमिताभ के अलावा शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, राखी गुलजार, परवीन बाॅबी, नीतू सिंह, परीक्षित साहनी, प्रेम चोपड़ा, रोमेश शर्मा, पूनम ढिल्लन, मनमोहन कृष्ण, मदनपुरी, सुधा चोपड़ा और इफ्तेखार ने भी काम किया था। इस फिल्म को कई पुरस्कार मिले।झरिया के पुराने सिनेमाघर देशबंधु में लगीं अमिताभ की सैकड़ों फिल्में
झरिया के नौ दशक पुराने सिनेमाघर देशबंधु में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी से लेकर अब तक की सैकड़ों फिल्में लगी हैं।
सिनेमाघर में अमिताभ की फिल्म देखने के लिए एक समय हर दिन सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रहती थी। टिकट लेने के लिए सड़क तक लोग लाइन में खड़े होते थे। सिनेमाघर के संचालक 80 वर्षीय गोपाल अग्रवाल ने कहा कि अमिताभ बच्चन की लगभग हर फिल्म इस सिनेमाघर में लगी है। अमिताभ की फिल्म देखने के लिए कोयलांचल के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती थी। स्थिति इतनी बेकाबू हो जाती थी कि पुलिस प्रशासन का सहयोग लेना पड़ता था।
गोपाल अग्रवाल ने कहा कि सिनेमाघर में अमिताभ अभिनीत सात हिंदुस्तानी से लेकर आनंद, त्रिशूल, कभी-कभी, सिलसिला, दोस्ताना, डाॅन, शान, अमर अकबर एंथोनी, नसीब, बरसात की एक रात, कालिया, खुद्दार, कुली, मर्द, मोहब्बतें, सूर्यवंशम जैसी दर्जनों फिल्मों के सैकड़ों शो चले। एक दिन में चार शो चलाने वाले इस सिनेमाघर के पर्दे से महीनों अमिताभ की फिल्म नहीं उतरती थी।
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