
*धनबाद :* दस साल पहले याद कीजिए कैसे शहर की तीन प्रमुख सड़कें बड़े-बड़े पेड़ों के छांव से ढंके रहते थे, लेकिन विकास और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 100 साल पुराने पेड़ों को काट दिया गया।
शहर के अंदर दस हजार से अधिक पेड़ काटे गए। बदले में फूल-पत्ती वाले पौधे लगा दिए गए। उससे न प्रदूषण कम होगा और न ही शहर को ऑक्सीजन की मात्रा मिलेगी।
पिछले एक दशक में शहर की तीन प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया गया। इसमें गोविंदपुर से भाया स्टीलगेट-हीरापुर होते हुए महुदा सड़क, सिटी सेंटर से बरवाअड्डा सड़क और हीरक रोड (अब आठ लेन) शामिल हैं। शहर के विकास के नाम पर इन सड़कों पर लगे पीपल-बरगद जैसे पेड़ काट दिए गए। बदले में सड़क निर्माण करने वाली एजेंसी को कहीं दोगुने तो कहीं तिगुने पौधे लगाए जाने थे। पौधे लगे या नहीं, इसकी जांच आजतक नहीं हुई। सड़क निर्माण कर कंपनी चली गई।

*शहर से बाहर लगाए गए बदले में पौधे*

शहर के अंदर पेड़ काटे गए लेकिन बदले में वन विभाग ने कुछ पौधे शहर से बाहर गोविंदपुर, बरवाअड्डा, कशियाटांड़ इलाके में लगाए गए। इससे शहर को कोई लाभ नहीं मिला। चिलचिलाती हुई गर्मी में शहर का तापमान बढ़ता ही जा रहा है। बिना पेड़ के सड़कें धूप से तप रही हैं।
*नगर निगम ने लगाए 26 हजार पौधे*
क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत नगर निगम ने शहर में 26 हजार पौधे लगाए हैं। यह पौधे नई सड़कों के डिवाइडर पर लगे हैं, लेकिन यह सभी फूल और पत्ती वाले पौधे हैं। नगर निगम का कहना है कि उसके पास ऐसी जमीन नहीं है, जहां बड़े फलदार पौधे लगाए जा सकें।
इस मानसून के सीजन में धनबाद में साढ़े तीन लाख नए पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वनभूमि के साथ-साथ लोग अपनी निजी जमीन में चाहें तो पौधे लगा सकते हैं। धनबाद को हर-भरा रखना हमारा पहला लक्ष्य है।
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