• Mon. Mar 2nd, 2026

कंगना के बयान पर राहुल ने दिया जवाब कहा -पीएम मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि निरस्त तीनों ‘काले’ कृषि कानूनों को फिर से लाना चाहते हैं वापस

Admin Office's avatar

ByAdmin Office

Sep 26, 2024

 

 

नई दिल्ली : कांग्रेस ने भाजपा सांसद कंगना रनौत की तीन कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग वाली टिप्पणी को लेकर भाजपा पर हमला तेज कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए।

 

उन्होंने बीजेपी सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह निरस्त किए जा चुके तीनों ‘काले’ कृषि कानूनों को फिर से लाना चाहते हैं या नहीं।

 

कंगना के वापस लिए जा चुके कृषि कानूनों की वापसी की वकालत करने वाले बयान पर राहुल ने कहा कि सरकार की नीति कौन तय कर रहा है? एक भाजपा सांसद या प्रधानमंत्री मोदी? 700 से ज्यादा किसानों, खास कर हरियाणा और पंजाब के किसानों की शहादत ले कर भी भाजपा वालों का मन नहीं भरा। अगर प्रधानमंत्री ने उन कानूनों को फिर से लाने जैसा कोई कदम उठाया तो हमारा गठबंधन ‘INDIA’ हमारे अन्नदाताओं के विरुद्ध भाजपा का कोई भी षडयंत्र कामयाब नहीं होने देगा।

 

अगर किसानों को नुकसान पहुंचाने के लिए कोई भी कदम उठाया जाएगा तो प्रधानमंत्री को फिर से माफी मांगनी पड़ेगी।

 

राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग विचारों को लेकर जांच-परख करते रहते हैं। वे किसी से कहते हैं कि सार्वजनिक रूप से विचार रखिए और फिर देखते हैं कि प्रतिक्रिया क्या होती है। यही हुआ है। इनके एक सांसद ने काले कृषि कानूनों को फिर से लाने की बात की है। पीएम मोदी स्पष्ट कीजिए कि क्या आप उन कानूनों को फिर से लाना चाहते हैं। आप फिर से ‘बदमाशी’ तो नहीं करेंगे? उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने शहीद किसानों के लिए संसद में दो मिनट का मौन भी नहीं रखने दिया था।

 

इससे पहले एक वीडियो में कंगना को यह कहते हुए देखा जा सकता है कि किसानों के वह कानून, जो अब वापस ले लिए गए हैं, मुझे पता है कि यह बयान विवादास्पद हो सकता है, लेकिन तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को खुद इसकी मांग करनी चाहिए। तीन कानून किसानों के लिए फायदेमंद थे। जैसे बाकी जगहों के किसान समृद्ध हो रहे हैं, हमारे किसानों को समृद्ध होना चाहिए। कुछ राज्यों में किसान समूहों के विरोध के कारण सरकार ने इन्हें वापस ले लिया था। किसान देश के विकास में स्तंभ हैं। मैं उनसे हाथ जोड़कर अपील करती हूं कि वे अपने भले के लिए कानूनों को वापस मांगें।

 

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी सांसद ने 2021 में निरस्त किये गये कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग संबंधी अपना बयान बुधवार को वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि ये उनके ‘निजी’ विचार हैं और पार्टी के रूख को प्रदर्शित नहीं करते हैं।

 

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कंगना के बयान से किनारा कर लिया है। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भाजपा सांसद कंगना रनौत का केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए गए कृषि बिलों पर दिया गया बयान वायरल हो रहा है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान उनका निजी बयान है। कंगना रनौत भाजपा की ओर से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। यह कृषि बिलों पर भाजपा के दृष्टिकोण को नहीं दर्शाता है। हम इस बयान को अस्वीकार करते हैं।’


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *