

*नयी दिल्ली :* दालें पौष्टिक और हेल्दी होती हैं, लेकिन कुछ दालें पेट में गैस बनाने और कई और स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं. यहां जानिए उन दालों के बारे में जिनका ज्यादा मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए. कुछ दालें पेट के लिए मुश्किलें बढ़ी सकती हैं.

हममें से बहुत से लोगों को अक्सर पेट फूलने और गैस की समस्या का सामना करना पड़ता है. पेट में गैस बनना आपके पूरे दिन को बर्बाद कर सकती है. कुछ दालें हैं जो गैस बना सकती हैं और ब्लोटिंग जैसी समस्या भी दे सकती हैं. अगर आप रात को या दिन के खाने में दालें शामिल करते हैं तो पहले जान कि कौन सी दालें पेट के लिए मुश्किलें बढ़ी सकती हैं. अगर आपको पहले से ही पेट में गैस बनने या एसिडिटी की समस्या है तो यहां ऐसी 5 दालों की लिस्ट है जिनका कम मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए.

*गैस का कारण बनने वाली दालें*
*चना दाल*
चना दाल में हाई फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जिससे कुछ लोगों के लिए इसे पचाना मुश्किल हो जाता है. इसकी वजह से गैस बनना और पेट फूलने की समस्या हो सकती है. चना दाल खाने के बाद सूजन या बेचैनी जैसे शारीरिक लक्षणों पर ध्यान दें. इसे अपनी डाइट में सीमित करना या इससे बचना सबसे अच्छा हो सकता है.
*राजमा*
राजमा अपनी हाई फाइबर सामग्री के लिए जानी जाती है, जो गैस को बढ़ा सकती है. राजमा को अच्छी तरह भिगोने और पकाने से गैस पैदा करने वाले यौगिकों को कम करने में मदद मिल सकती है.
*तूर दाल*
तुअर दाल एक सामान्य दाल किस्म है जो कुछ लोगों में बहुत ज्यादा गैस बनने का कारण बन सकती है. अगर आपको तुअर दाल खाने के बाद पेट फूलने की समस्या बढ़ती हुई दिखाई देती है, तो अपने सेवन को कम करने पर विचार करें.
*उड़द दाल*
उड़द दाल फाइबर और प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है. हालांकि ये कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती है, लेकिन ये कुछ लोगों में पेट फूलने का कारण भी बन सकती है. खासकर अगर इसका ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए.
*मूंग दाल*
मूंग दाल आमतौर पर अच्छी तरह से सहन की जाती है, लेकिन कुछ मामलों में ये पेट फूलने का कारण बन सकती है. मूंग दाल की पाचनशक्ति बढ़ाने के लिए उसे अच्छी तरह पकाने की सलाह दी जाती है. बेहतर पाचन के लिए एक गिलास छाछ के साथ मूंग दाल की खिचड़ी खाने की सलाह दी.
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