• Fri. Jan 2nd, 2026

आदिवासी नृत्य महोत्सव में हेमंत सोरेन बोले- हम चोर उचक्के या हत्यारे हैं क्या ..?, समन न भेजें, गिरफ्तार करें, केंद्र व भाजपा पर साधा निशाना

ByAdmin Office

Nov 4, 2022

रायपुर (राज्य ब्यूरो)। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के समापन समारोह में रायपुर पहुंचे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर निशाना साधा। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में सोरेन ने कहा कि हम चोर उचक्के या हत्यारे हैं क्या? हमारा गुनाह इतना ही बड़ा है, तो समन भेजने की बजाय ईडी हमें गिरफ्तार कर ले। झारखंड में बिना मौसम के ही उत्सव का माहौल है, इसलिए विपक्षी दल और भाजपा द्वारा ईडी का प्रयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हर चीज का शिष्टाचार और व्यावहारिक आचरण होता है

सोरेन जब राज्योत्सव के मंच पर पहुंचे तो उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समूह को यूपीए गठबंधन के लोग आगे बढ़ा रहे हैं। इसके चलते कुछ लोगों की घबराहट बढ़ गई है। उन्‍होंने झारखंड में चल रही सियासी हलचल और ईडी की कार्रवाई की ओर संकेत करते हुए कहा कि कुछ लोगों की घबराहट की झलकियां आए दिन अखबारों और न्यूज चैनलों में भी देखने को मिल रही हैं।

छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में दलितों और आदिवासियों की जो समस्या है, उस पर पहल की जा रही है। आजादी के 75वें वर्ष में भी कुछ राज्यों में आदिवासियों की समस्याएं विद्यमान हैं। राज्य को यदि हम विकसित रूप में देखना चाहते हैं तो आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के बिना विकास की बात करना बेमानी है। राज्यों में गुब्बारा फुलाने से विकास नहीं हो सकता। आदिवासियों को कैसे आगे बढ़ाएं, इस पर निरंतर चिंतन होना चाहिए।

मुख्यमंत्री बघेल की खूब की प्रशंसा

मंच से हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के एक ऐसे वर्ग को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आगे बढ़ा रहे हैं, जो कि सदियों से संघर्षरत रहा है। जिनका शोषण होता रहा है। दुनियाभर में विकास के लिए आदिवासियों की अहम भूमिका रही है। इसको यदि कोई समझ पा रहा है तो वह केवल भूपेश बघेल हैं। झारखंड में भी 28 प्रतिशत आदिवासी हैं, मगर पिछले कुछ वर्षों तक उनके नाम पर आदिवासी दिवस नहीं मनता था। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की भव्यता को देखने के बाद हमने भी झारखंड आदिवासी दिवस मनाया।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *