
आज परिवार से गाय बाहर हो गयी है। जिन परिवारों में गाय की सेवा होती है वो परिवार सुखी रहता है। उस परिवार में कोई कमी नहीं होती है। मुख्य वक्ता के रूप में एकल अभियान द्वारा 4 सितंबर, 2024 को दी फॉरेस्ट रिजोर्ट में 435 आचार्यो के सम्मान समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झारखंड प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री गोपाल शर्मा बोल रहे थे।उन्होंने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े काकू लागु पाएं, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए। गुरु से ही शिक्षा और ज्ञान प्राप्त होता है।

भारतवर्ष में पहले 4 शालाएं चलती थी। गौशाला, व्यायाम शाला, यज्ञशाला और पाठशाला। इन चारों शालाओं से जो शिक्षा मिलती थी जो ज्ञान मिलता था उससे भारत गौरवशाली देश बना था। भगवान राम भी सांदीपनि आश्रम में जाकर विद्या अध्ययन किए थे। गुरु वशिष्ठ ने राजा दशरथ से भगवान राम और लक्ष्मण को मांग कर ग्रामीण क्षेत्रों में लेकर गए और उन्हें सभी प्रकार के विधाओं का परिपूर्ण ज्ञान दिया । आज एकल अभियान भी बंधु परिषद के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार के माध्यम से ग्रामीण लोगों को उनके अंदर जागरूकता का निर्माण कर रहा है। संस्कार के अभाव में आज के युवा पढ़-लिखकर भी भटक रहे हैं ऐसे में युवाओं को एकल अभियान ही सही रास्ता दिखा रहा है।

मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रवीण राउत हेड ऑपरेशन मैथन पावर लिमिटेड ने कहा की हमें बहुत खुशी हो रही है की इस आचार्य सम्मान समारोह में हमें मुख्य अतिथि का सम्मान मिल रहा है। उन्होंने गांव में हो रहे एकल अभियान के कार्यों की सहारण भी की । विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अशर्फी हॉस्पिटल के डायरेक्टर श्री हरेंद्र सिंह ने बच्चों में शिक्षा का महत्व और आचार्य के व्यवहार से बहुत बड़ा प्रभाव उनके अंदर पड़ता है यह बात कहा। आचार्य का सम्मान करने से हमारा भी सम्मान बढ़ता है। श्री महेंद्र अग्रवाला जी ने कहा की वन बंधु परिषद की स्थापनाकाल से ही आचार्यों का सम्मान कार्यक्रम चल रहा है और इस कार्यक्रम में धनबाद नगर के अनेक लोगों का सहयोग मिलता रहा है। कार्यक्रम की प्रस्तावना में एकल श्रीहरि वनवासी फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री बलराम अग्रवाल ने पंचमुखी शिक्षा के विषय में बताते हुए कहा की धनबाद से प्रारंभ हुआ एकल विद्यालय आज पूरे देश में 1लाख से अधिक गांव में चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री केशव हडो़दिया अध्यक्ष वनबंधु परिषद, धनबाद चैप्टर ने कहा की एकल विद्यालय की शुरुआत एक ऐसे व्यक्ति के विचारों से शुरू हुआ जिसके शरीर पर पूरा वस्त्र नहीं था। गरीबी थी, किंतु उस व्यक्ति ने अपने लिए कुछ नहीं मांगा बल्कि समाज के बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए गांव-गांव में एकल विद्यालय चलाने की मांग की और तभी से एकल विद्यालय की शुरुआत हुई। प्रारंभ में धनबाद के टुंडी प्रखंड से मदन बाबू के सहयोग से सन 1989 में प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया और सभी अतिथि अधिकारियों का परिचय के पश्चात एकल उत्पाद देकर सम्मानित किया गया। श्री संजय साहु केंद्रीय कार्यकर्ता एकल अभियान में मंच संचालन किया तथा श्रीमती अनुराधा अग्रवाल महिला समिति अध्यक्ष ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों द्वारा तथा महिला समितियों द्वारा सभी को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन और लगभग लगभग 435 आचार्यों को साड़ी, बैग और आचार्य सम्मान सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री रविंद्र ओझा प्रभाग अध्यक्ष ,श्रीमती आरती मित्तल संरक्षिका महिला समिति, बसंत हेलीवाल सचिव, रोहित प्रसाद कोषाध्यक्ष ,सोमनाथ पूर्ति सदस्य संजय जैन, दिलीप गोपाल, नरेश गुप्ता, शंकर दयाल बुधिया, हरे राम गुप्ता ,सरयू राम, नितिन हड़ोदिया, बलदेव महतो, सुरेश महतो, लल्लन सिंह ,कृष्ण लाल रुंगटा, दशरथ मंडल, दिनेश कुमार अभय कुमार, धनंजय दास आदि अनेक कार्यकर्ता गण शामिल हुए। तत्पश्चात सभी ने आनंदपूर्वक भोजन कर प्रस्थान किया।
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