• Mon. Mar 16th, 2026

ED ने RPSC पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी बाबूलाल कटारा को किया गिरफ्तार

Admin Office's avatar

ByAdmin Office

Sep 15, 2023

 

जयपुर। आरपीएससी (RPSC) शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्य आरोपी बाबूलाल कटारा को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी ने उसे कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड पर लिया है.बाबूलाल कटारा आरपीएससी का सदस्य रह चुका है. पेपर सेट करने की जिम्मेदारी उसी की थी और उसने पेपर अनिल उर्फ शेरसिंह मीणा को दिया था. अब ईडी अनिल मीणा सहित अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर सकती है, हालांकि, अभी तक ईडी की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. ईडी सूत्रों के मुताबिक कोर्ट में पेश करते हुए बाबूलाल कटारा को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है. कटारा को पेपर लीक मामले में पहले एसओजी ने गिरफ्तार किया था.

एक माह पहले जब्त हुई थी संपत्ति:ईडी ने शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 अगस्त को बाबूलाल कटारा, सुरेश विश्नोई, सुरेश ढाका, भूपेंद्र सारण, अनिल उर्फ शेरसिंह मीणा की चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया था. जब्त संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 3.11 करोड़ रुपए है. पेपर लीक मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत इन आरोपियों की संपत्ति जब्त की गई है.
सामान्य ज्ञान का पर्चा किया था लीक – ईडी ने सुरेश कुमार उर्फ ​​सुरेश बिश्नोई, सुरेश ढाका, भूपेंद्र सारण और अन्य के खिलाफ राजस्थान पुलिस की ओर से आईपीसी की विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे के आधार पर पीएमएलए-2002 के तहत जांच शुरू की थी. एजेंसी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के 21 दिसंबर 2022, 22 दिसंबर 2022 और 24 दिसंबर 2022 को होने वाली वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा के सामान्य ज्ञान का पर्चा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लीक कर दिया था.

आरपीएससी सदस्य बाबूलाल ने दिया था पर्चा -अब तक ईडी की जांच में सामने आया है कि बाबूलाल कटारा ने ही शिक्षक भर्ती परीक्षा के सामान्य ज्ञान का पेपर अनिल मीणा उर्फ ​​शेर सिंह मीणा को बेचा था. उसने यह पर्चा भूपेंद्र सारण, सुरेश ढाका और अन्य आरोपियों को दिया था. इसके बाद यह पर्चा जयपुर और उदयपुर में करीब 180 अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था और इसके बदले में हर अभ्यर्थी से 8-10 लाख रुपए लिए गए थे.


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *