
मुंबईः देश के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में श्रम भागीदारी बढ़ने से सितंबर के महीने में बेरोजगारी दर घटकर 6.43 प्रतिशत पर आ गई है. अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाली संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) ने यह जानकारी दी है. सीएमआईई ने सितंबर 2022 के रोजगार आंकड़े जारी करते हुए कहा कि अगस्त में बेरोजगारी दर 8.3 प्रतिशत के साथ एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी. लेकिन सितंबर के महीने में रोजगार परिदृश्य में सुधार होने से बेरोजगारी का आंकड़ा घटकर 6.43 प्रतिशत आ गया.
सीएमआईई के प्रबंध निदेशक महेश व्यास ने कहा, ‘सितंबर में बेरोजगारी दर में खासी गिरावट दर्ज की गई है. शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी श्रम भागीदारी बढ़ने से ऐसा हुआ है. व्यास ने कहा कि सितंबर में श्रम भागीदारी में 80 लाख की बढ़ोतरी होना इस बात का संकेत है कि देश की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है. सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर एक महीना पहले के 7.68 प्रतिशत से घटकर 5.84 प्रतिशत पर आ गई. वहीं शहरी इलाकों में यह 7.70 प्रतिशत पर रही जो अगस्त में 9.57 प्रतिशत रही थी.

सितंबर में सर्वाधिक 23.8 प्रतिशत की बेरोजगारी दर राजस्थान में रही जबकि जम्मू कश्मीर में यह 23.2 प्रतिशत, हरियाणा में 22.9 प्रतिशत, त्रिपुरा में 17 प्रतिशत, झारखंड में 12.2 प्रतिशत और बिहार में 11.4 प्रतिशत रही. वहीं सबसे कम बेरोजगारी दर छत्तीसगढ़ में रही जहां सिर्फ 0.1 प्रतिशत बेरोजगारी आंकी गई. असम में बेरोजगारी दर 0.4 प्रतिशत, उत्तराखंड में 0.5 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 0.9 प्रतिशत, गुजरात में 1.6 प्रतिशत, मेघालय में 2.3 प्रतिशत और ओडिशा में 2.9 प्रतिशत रही. अगस्त में बेरोजगारी दर कम बारिश होने की वजह से एक साल के उच्च स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई थी. अगस्त में शहरी बेरोजगारी दर 9.6 प्रतिशत रही जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत रही थी।

There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
