
सीतामढ़ी: जिले को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति से पूरी तरह मुक्त करने के लिए सीतामढ़ी पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन के निर्देशन एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मो० नजीब अनवर के मार्गदर्शन में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) द्वारा एक सशक्त पहल शुरू की गई है।

शपथ ग्रहण और जागरूकता कार्यक्रम

बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत पुलिस केंद्र स्थित ‘आनंद भवन’ में एक संवाद सह शपथ समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में: पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) श्री आलोक कुमार ने प्रशिक्षु सिपाहियों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई।
मानव तस्करी निरोध इकाई के प्रभारी सुशील कुमार और ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ की टीम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के कानूनी पहलुओं और इसके दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
सख्त निर्देश और चेतावनी
नोडल पदाधिकारी मो० नजीब अनवर ने स्पष्ट किया कि जिले में बाल विवाह को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
दस्तावेजों की जांच:
मैरिज पैलेस प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल आधार कार्ड पर भरोसा न करें। विवाह से पूर्व दूल्हा-दुल्हन के स्कूल प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र जैसे मूल दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है।
सहयोगियों पर कार्रवाई: विवाह में शामिल होने वाले कैटरिंग, डीजे, और फोटोग्राफरों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे बाल विवाह में सेवा प्रदान करते पाए गए, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील और हेल्पलाइन
पुलिस ने आम नागरिकों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है।
बाल विवाह की सूचना
निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर दी जा सकती है:
112: पुलिस आपातकालीन सेवा
1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
181: महिला हेल्पलाइन
1800 102 7222: एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
