
पीटीआई, नई दिल्ली। सरकार ने अनुसूचित जाति समुदायों के हितों की रक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह समित मदिगा जैसे अनुसूचित जाति समुदायों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले प्रशासनिक कदमों को परखने का काम करेगी। इस समिति की पहली बैठक 23 जनवरी को होगी।
सूत्रों के अनुसार, यह समिति प्रशासनिक कदमों की जांच करेगी। अनुसूचित जाति के अंतर्गत सबसे वंचित समुदायों द्वारा शिकायत की गई है कि उन्हें लाभों का उचित हिस्सा समान रूप से नहीं मिल रहा है। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सभी लाभार्थियों को लाभ मिल सके। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति गठित की गई है।

समिति प्रशासनिक कदमों को परखेगी

यह अनुसूचित जाति समुदायों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जांच करेगी। उन्होंने बताया, “समिति उन प्रशासनिक कदमों को परखेगी, जो मदिगा जैसे अनुसूचित जाति समुदायों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा सकते हैं।
समिति में इन मंत्रालयों के सचिव शामिल
समिति में गृह मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, जनजातीय मामलों के मंत्रालय, कानूनी मामलों के विभाग और सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव शामिल हैं।
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