
धनबाद —–अमन सिंह हत्याकांड का असर अब पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में अधिकारीयों के स्मार्ट कार्ड सहित विभिन्न अनियमितताओं के मामले की न्यायिक जांच होगी राज्य सरकार के निर्देश पर गृह कर एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना मंगलवार को जारी की है।

यह आयोग राज्य की जेल में हो रही अनियमितता के बिंदुओं पर जांच करेगी दुमका में सेवा निर्मित प्रधान जिला न्यायाधीश वीरेंद्र नाथ पांडे के नेतृत्व में गठित एक सदस्य जांच आयोग को राज्य सरकार ने दो माह के भीतर जांच रिपोर्ट समर्पित करने का आदेश दिया है,इसके सहयोग में राज्य के संबंधित पदाधिकारी भी रहेंगे सेवानिवृत्ति प्रधान जिला न्यायाधीश सुरेंद्रनाथ पांडे को मानदेय के रूप में एक लाख रुपये प्रतिमा मिलेंगे गृह विभाग से जारी आदेश के अनुसार रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारक होटवार में बंद कैदियों पर नक्सलियों से साथ मिलकर सरकारी अधिकारियों को डराने धमकाने के मामले पर से सामने आ चुके हैं।

इन पर अन्य तरीके अपना कर लोगों को भयभीत करने जेल में बंद अन्य कैदियों के साथ मारपीट करने पूर्व में जेल में बंद कैदी को रिहाई के बाद धमकाने व जेल में राज्य सरकार के अधिकारियों को प्रभावित करने के आरोप भी लग चुके हैं, ईडी की छापेमारी में भी ऐसे तत्व उजागर हुए जिसके बाद उक्त राज्य की गठित जांच टीम में 21 नवंबर को होटवार जेल निरीक्षण किया था.
जेल दल की औचक निरीक्षण रिपोर्ट में भी या पर्दाफाश हो गया है कि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में जेल मैनुअल का उल्लंघन हो रहा है सुरक्षा मामले में भी जेल कर्मी लापरवाही भारत रहे हैं मंडल कारा धनबाद में अपराधी अमन सिंह की हत्या मामले में अब एसआईटी की विशेष जांच दल SIT गहन जांच करेगी इसके लिए गृह विभाग ने एसआईटी के डीजी को आदेश जारी कर दिया है, उन्होंने अमन सिंह हत्याकांड में साजिश अपराधिक संलिप्तता वह अन्य सभी बिंदुओं पर छानबीन कर दो माह के भीतर अपनी जांच को पूरा करने के लिए कहा गया है।
जेल के भीतर अमन सिंह की हत्या 3 दिसंबर को हुई थी। वहीं कारा अस्पताल में गोलीबारी में अमन सिंह की मौत हो गई थी इस घटना के मामले में आईजी जेल उमाशंकर सिंह आईजी एसआईटी असीम विक्रांत मिंज ने संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सोपी थी। 5 दिसंबर को झारखंड हाई कोर्ट ने उक्त घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की गहन जांच व समीक्षा के लिए विशेष दल एसआईटी के गठन का आदेश दिया था।
गृह विभाग में झारखंड हाई कोर्ट के उक्त आदेश के आलोक में पूरे प्रकरण को एसआईटी डीजी को हस्तांतरित कर दिया था सीआईडी को विशेष जांच दल गठित कर पूरे मामले की गहन जांच का आदेश दिया गया था। एसआईटी को जांच का दायरा बढ़ाने घटित घटना वह संबंधित दर्ज कांड का अनुसंधान करने तथा इस घटना के पीछे की बड़ी साजिश की जांच का भी आदेश दिया है इसमें संलिप्त सभी जेलकर्मी पदाधिकारी गैर सरकारी व्यक्ति की भूमिका की भी पहचान करनी है।
गृह विभाग ने जारी अधिसूचना में यह भी जानकारी दी है कि राज्य की जेल में बंद प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभाव में काम किया जा रहा है सुरक्षा के प्रति जिलों में लापरवाही बढ़ती जा रही है। जिसके कारण जेल प्रशासन की छवि धुलमिल हो रही है इससे राज्य सरकार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
