
आदित्यपुर टू कुलूपटांगा के रहने वाला मासूम बच्चा इलाज में देरी के कारण मासूम बच्चे की मौत का मामला सामने आया है।जानकारी के अनुसार कुलूपटांगा निवासी बिरसा सोय अपने बेटे आर्यन को इलाज के लिए आदित्यपुर के कई निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों में लेकर पहुंचे, लेकिन समय पर भर्ती नहीं लिए जाने का आरोप है।
बताया गया कि बच्चे के गले में कुछ फंस गया था, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।घटना की सूचना मिलने पर रामविलास पासवान पार्टी के जिला अध्यक्ष अनिल पासवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि साईं नर्सिंग होम के बाहर बच्चे के माता-पिता रोते हुए मिले। पूछताछ में पता चला कि परिजन चार से पांच निजी अस्पतालों का चक्कर लगा चुके थे, बावजूद इसके इलाज शुरू नहीं हो सका। इसके बाद अनिल पासवान बच्चे को लेकर टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे की जान चली गई। घटना के बाद अनिल पासवान ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि कई निजी नर्सिंग होम में इमरजेंसी सुविधा केवल नाम मात्र की रह गई है, जिससे गरीब मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।? सवाल यहां उठना है कि आखिर हॉस्पिटलों में इमरजेंसी वार्ड होती है पर उसमें इलाज न के बराबर की जाती है गरीब आदमी इलाज करने के लिए जाए तो कभी कह डॉक्टर नहीं है यहां सुविधा नहीं है फिर ऐसे इमरजेंसी वार्ड का होना क्या फायदा। पूछता है सिस्टम से.
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