
धनबाद : धनबाद लोकसभा क्षेत्र में किसकी कितनी पकड़ इस पर मंथन जारी है। भाजपा की पकड़ वाली विधानसभा क्षेत्र में वोट ज्यादा पड़ने की उम्मीद है।

झरिया विधानसभा में कांग्रेस एवं निरसा, धनबाद, सिंदरी, बोकारो और चंदनकियारी में भाजपा की है जबरदस्त पकड़।

*भाजपा प्रत्याशी ढुलू महतो एवं कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह के बीच कांटे का मुकाबला:*
2019 की तुलना में 2024 में वोट का प्रतिशत बढ़ा
2024 में 62.06 प्रतिशत जबकि 2019 में 60.4 7% मतदान हुआ 2004 से भाजपा जीतती आ रही है.
*4 जून को फैसला कौन मारेगा बाजी,कौन बनेगा सरताज*
धनबाद लोकसभा चुनाव छिटपुट घटनाओं के साथ सम्पन्न हो गया है। धनबाद संसदीय क्षेत्र में आने वाले सभी 2539 मतदान केंद्रों के ईवीएम में क्षेत्र से खड़े सभी उम्मीदवार के भाग्य का खजाना बंद हो गया है जबकि काफी सुरक्षा के साथ ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखकर उसे सील कर दिया है।
*जोड़ घटाव में उलझ गए हैं उम्मीदवार और समर्थक*
बता दें कि धनबाद में मतदान छठे चरण के अंतर्गत 25 मई को संपन्न हुआ है। जबकि मतगणना 4 जून को होना तय है। मान्यता प्राप्त दल सहित निर्दलीय उम्मीदवार को भी अपनी चुनावी किस्मत के फैसले के लिए 4 जून का इंतजार करना होगा। ऐसे में धनबाद संसदीय क्षेत्र से खड़े उम्मीदवार और उनके समर्थक अभी से जोड़-घटाव में जुट गए हैं। हालांकि धनबाद लोकसभा मतदान में अगर नोटा का भी बटन दबाया गया तो इससे किसे लाभ और हानि पहुंचेगा ये तो ईवीएम का पिटारा खुलने के बाद सामने आएगा कि जनता ने किसे सांसद चूना है और किसे दरकिनार किया है।
*धनबाद लोकसभा क्षेत्र में किसकी कितनी पकड़ इस पर मंथन जारी*
धनबाद लोकसभा क्षेत्र में आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में किसकी कितनी पकड़ है इसपर मंथन के साथ हुई वोटिंग की प्रतिशतता के आंकड़े के सहारे उम्मीदवार जोड़ – घटाव करना शुरू कर दिये हैं। बता दें कि धनबाद लोकसभा क्षेत्र में इस बार 62.06% वोटिंग हुई जिसमें चंदनकियारी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादातर 72.98% वोटिंग हुई है वहीं दूसरे नंबर पर सिंदरी विधानसभा क्षेत्र 72.57% और तीसरे में 70.73% प्रतिशत वोटिंग निरसा में हुई।
*भाजपा की पकड़ वाली विधानसभा क्षेत्र में वोट ज्यादा पड़ने की उम्मीद*
चन्दनक्यारी की बात करें तो यहाँ भाजपा नेता उमर बाउरी की काफ़ी पकड़ है। जहाँ भाजपा समर्थक उम्मीद जता रहें है कि यहाँ उन्हें अधिक वोट पड़ी है। जबकि निरसा में भी भाजपा नेत्री अपर्णा सेन गुप्ता की विधायकी क्षेत्र में आता है जहाँ से भी भाजपा को अच्छी वोट आने की उम्मीद है। सिंदरी विधानसभा के कुछ बूथों पर वोट बहिष्कार के साथ यह अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्रामीण पिछले सांसदी से नाखुश थे यानी भाजपा के कार्यकाल का बहिष्कार के साथ यहाँ वोट की प्रतिशतता कम हो सकती है। हालांकि ये सिर्फ 3-4 मतदान केंद्रों तक ही सीमित रहा।
झरिया विधानसभा में कांग्रेस एवं निरसा, धनबाद, सिंदरी, बोकारो और चंदनकियारी में भाजपा की पकड़ कुल मिलाकर कहें तो झरिया विधानसभा क्षेत्र पर अभी कांग्रेस का कब्जा है वहीं निरसा, धनबाद, सिंदरी, बोकारो और चंदनकियारी विधानसभा सीट भाजपा के कब्जे में है। तुलनात्मक दृष्टिकोण से देखें तो पलड़ा भाजपा का भारी लग रहा है पर ज़नाब ये तो राजनीति है यहाँ बिना अंतिम वोटो की गिनती और परिणाम के कुछ कह पाना अतिश्योक्ति होगी।
*भाजपा प्रत्याशी ढुलू महतो एवं कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह के बीच कांटे का टक्कर*
इधर कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह ने भी चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तक जनसम्पर्क कर जनसमर्थन जुटाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी लिहाजा यहाँ ये तो तय कि भाजपा प्रत्याशी ढुलू महतो एवं कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह के बीच कांटे का टक्कर है पर धनबाद से निर्दलीय उम्मीदवार सुनैना किन्नर, मासस प्रत्याशी एवं जयराम महतो के पार्टी के उम्मीदवार को साइड नहीं कर सकते यहीं सब है जो गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।
*2019 की तुलना में 2024 में वोट का प्रतिशत बढ़ा*
जानकारी दे दें कि वर्ष 2024 में धनबाद लोकसभा का मतदान प्रतिशत बढ़ा है जिसका असर पार्टी विशेष पर पड़ सकता है। लेकिन इसके विपरीत बोकारो और चंदनकियारी में 2019 के मतदान प्रतिशत की तुलना करें तो 2024 में वोट का प्रतिशत कम हुआ है। 2019 में बोकारो में 53.08 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि 2024 में 52.86 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा सामने आया है। इसी तरह चंदनकियारी में 2019 में 73.8 2% मतदान हुआ था जबकि 2024 में मतदान प्रतिशत घट कर 72.98% पर सिमट गई।
2024 में 62.06 प्रतिशत जबकि 2019 में 60.4 7% मतदान हुआ।
एक नजर 2019 में हुए लोकसभा चुनाव पर डाले तो सिंदरी में 71.49 प्रतिशत, निरसा में 67.79 प्रतिशत, धनबाद में 55.07 प्रतिशत, झरिया में 50. 60% वोटिंग हुई थी। इसी तुलना में 2024 में सिंदरी विधानसभा में 72.57 प्रतिशत, निरसा में 70.73 प्रतिशत, धनबाद में 56.49 प्रतिशत, झरिया में 55.84% मतदान हुआ है। कुल मिलाकर 62.06 प्रतिशत मतदान हुआ है, जबकि 2019 में 60.4 7% मतदान हुआ था।
*2004 से जीतती आ रही है भाजपा*
गौरतलब है कि धनबाद लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का अपना इतिहास रहा है। 2004 के बाद कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार यहाँ से जीत नहीं पाया है। वहीं 2024 में भी इंडी गठबंधन में धनबाद लोकसभा सीट कांग्रेस के पाले में चली गई जिससे अन्य कोई पार्टी ने अपने उम्मीदवार खड़े नहीं किये।
*4 जून को फैसला कौन मारेगा बाजी, किसके सिर पर सजेगा ताज:*
बहरहाल जनता ने मतदान कर दिया है और उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद हो चुकी है जो 4 जून को सबके सामने आ जाएगा। अब यह देखना है कि भाजपा का गढ़ माने जाने वाला धनबाद लोकसभा सीट में क्या कांग्रेस पार्टी सेंध लगा पाएगी या फिर कोई तीसरा बाजी मारेगा या वर्षो पुरानी वही परंपरा चलती रहेगी।
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