
अंतर्कथा प्रतिनिधि
लखीसराय -: हलसी प्रखंड के हरेवा गांव में दूसरे दिन श्री श्री 1008 शिवलिंग स्थापना महायज्ञ को लेकर दर्जनों ब्राह्मणों द्वारा यज्ञमंडप पर वैदिक पूजन,अग्नि प्रकट कर्म कुटी, जलाधिवास अन्नधिवास किया गया। वही अग्नि प्रकट करने की प्राचीन विधि और अद्भुत नवग्रह पूजन सामग्री का साक्षी बनाया कर अग्नि प्रकट किया गया। जानकारी के अनुसार वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच आरुणी मंथन विधि से अग्नि देव को प्रकट कर अनुष्ठान की गई। अग्नि देव को आने में ब्राह्मणों एवं अन्य लोगों को कई परेशानी का सामना करना पड़ा उसके कुछ घंटों बाद अग्नि देवता प्रकट हुए और हवन कुंड में प्रवेश कराया गया। इस विधि मे शमी, पीपल, की लकड़ी के घर्षण से अग्नि देवता को प्रकट किया गया। उसके बाद महिला पुरुष सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु जुड़ने लगे और भोलेनाथ का बार बार जयकारा लगाया गया जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति में हो गया। वही अयोध्या से आए हुए बाबा सुमन भाई उर्फ व्यास जी महाराज जी ने शिव महापुराण कथा में अपने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि हरेवा ग्राम में हरेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा है तथा उन्होंने श्री शिव महापुराण महात्स्य की कथा सुनाते हुए कहां की देवराज ब्राह्मण पर शिवजी की कृपया कैसे हुई, उन्होंने कहा कि जीवन भर पाप कर्म में लिफ्ट उसे धर्म डिज्नी प्रयागराज के शिवालय में नाना ढंग से कथा सुना बीमार होकर शिवा प्रसाद लेकर वहीं प्राण छोड़ और शिवदूत यमलोक से यमदूत को मारपीट कर उसे वहां से छुड़ा के शिवलोक पहुंचा और शंकर जी ने उसे अपना गण बना दिया। उन्होंने कहा कि हरेवा गांव को हरेश्वर महादेव कहा जाए तो बेहतर होगा। मौके पर उपस्थित आचार्य गोपाल पांडे कौशिक, अनमोल शास्त्री, मुख्य यजमान के रूप में मुकेश रंजन सिन्हा ऊर्फ पप्पू जी, उनकी धर्मपत्नी निभा वर्मा अप यजमान प्रमोद कुमार सिन्हा, पत्नी नीलम देवी सहायक यजमान वासुदेव महतो दिलीप ठाकुर एवं किशन देव महतो इत्यादि एवं सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे।

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