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आदित्यपुर में नटराज क्लब द्वारा आयोजित माँ सरस्वती पूजा पंडाल का उद्घाटन टीएमसी नेता बाबू तांती ने की, जिले वासियों के लिए सुख एवं समृद्धि की कामना की, जानिए मां सरस्वती की पूजा करने की मान्यता

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BySubhasish Kumar

Feb 14, 2024

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले के हर गली मोहल्ले में सरस्वती पूजा हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. जिसमें छोटी-छोटी बच्ची अच्छे वस्त्र पहनकर मां सरस्वती का रूप धारण करती है. छात्र एवं छात्राएं स्कूल और कॉलेज में मां सरस्वती की आराधना करते हैं, इस पूजा में छोटे -छोटे बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग एवं समाज सेवी भी शामिल होते हैं.

बुधवार को आदित्यपुर थाना अंतर्गत कृष्णापुर में भव्य पूजा पंडाल का उद्घाटन टीएमसी नेता बाबू तांती ने किया. टीएमसी नेता ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की. साथ ही मां सरस्वती को हाथ जोड़ कर नमन किया एवं जिले वासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की.

पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष माघ माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है. यह पर्व मुख्य रूप से ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. इस दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था. मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती हाथों में पुस्तक, विणा और माला लिए श्वेत कमल पर विराजमान हो कर प्रकट हुई थीं, इसलिए इस दिन मां सरस्वती की विषेश पूजा-अर्चना की जाती है. साथ ही वसंत पंचमी से ही वसंत ऋतु की शुरुआत होती है. शास्त्रों के अनुसार वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से मां लक्ष्मी और देवी काली भी प्रसन्न होती हैं.


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